&format=webp&quality=medium)
NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG-2026 में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. Central Bureau of Investigation यानी CBI ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही देशभर में कई जगहों पर छापेमारी भी की गई है.
CBI के मुताबिक यह कार्रवाई NEET UG-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, धांधली और अवैध गतिविधियों से जुड़े सुराग मिलने के बाद की गई है. एजेंसी लगातार अलग-अलग राज्यों में जांच कर रही है और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है.
CBI ने अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें-
गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि वे परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा थे.
जांच एजेंसी का कहना है कि अभी कई और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
यह मामला तब सामने आया जब शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से लिखित शिकायत दी गई. इसके बाद CBI ने 12 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया. FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने और भ्रष्टाचार से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और गलत तरीके रोकने वाले कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. CBI का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है.
जांच के दौरान CBI ने कई शहरों में एक साथ छापेमारी की. एजेंसी ने इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं.
बरामद सामान में शामिल हैं-
CBI अब इन सभी उपकरणों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक कैसे हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.
इस मामले में राजस्थान की Special Operations Group यानी SOG पहले से शुरुआती जांच कर रही थी. अब CBI उसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है. दोनों एजेंसियां मिलकर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.
CBI का कहना है कि वह इस मामले में हर सुराग की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल चैट और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
फॉरेंसिक टीम भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कैसे बाहर आया.
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर यह परीक्षा देते हैं. ऐसे में पेपर लीक जैसी खबरों से छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी और चिंता देखने को मिल रही है. सोशल मीडिया पर भी परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. कई छात्र संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार और जांच एजेंसियों पर तेजी से कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है. सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए नया कानून लागू कर चुकी है. अब इस मामले को उसी कानून के तहत भी गंभीरता से देखा जा रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का भरोसा कमजोर हो सकता है.
CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. एजेंसी दूसरे राज्यों में भी जांच का दायरा बढ़ा रही है. संभावना जताई जा रही है कि डिजिटल डेटा और तकनीकी जांच के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं. फिलहाल एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि पेपर लीक कैसे हुआ, किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक CBI ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
Q2 किन शहरों से गिरफ्तारियां हुई हैं?
जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से गिरफ्तारियां हुई हैं.
Q3 CBI ने क्या-क्या बरामद किया है?
मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
Q4 यह मामला कब दर्ज किया गया था?
CBI ने 12 मई 2026 को मामला दर्ज किया था.
Q5 जांच में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
CBI के साथ राजस्थान SOG भी मामले में जांच कर रही है.