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NEET के री-एग्जाम पर सख्ती, अब होगी सेना की एंट्री! (फोटो - PTI)
NEET री-एग्जाम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. अब की बार नीट परीक्षा में सेफ्टी युद्धस्तर के लेवल की होनी वाली है. इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए सरकार सेना की निगरानी और आर्मी-ग्रेड सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, के आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसलों पर चर्चा हुई. बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का साफ संदेश है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सूत्रों की माने तो प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सेना स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर चर्चा हुई है. इसके तहत पेपर प्रिंटिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज सिस्टम की दोबारा समीक्षा की जा रही है.
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इतना ही नहीं, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्ट के लिए एयरफोर्स के लॉजिस्टिक्स सपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई है. सरकार देशभर के परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके.
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) इस पूरे मामले की हर स्तर पर मॉनिटरिंग कर रहा है. PMO के वरिष्ठ अधिकारी परीक्षा प्रक्रिया की तैयारियों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और जांच की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने NTA पर निगरानी और सख्त कर दी है.
सरकार 21 जून को प्रस्तावित NEET री-एग्जाम की तैयारियों में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हो सकते हैं. ऐसे में सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी तरह की चूक से बचने पर जोर दिया जा रहा है.
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पेपर लीक मामले की जांच अब राजस्थान, हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र तक पहुंच चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसियां कई एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी माना है कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में खामियां रही हैं और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
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पेपर लीक विवाद के अलावा सर्वर क्रैश, धुंधली कॉपियां और पेमेंट गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच IIT Madras को OSM से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को ठीक करने की जिम्मेदारी दी गई है.
वहीं शिक्षा मंत्री ने CBSE मुख्यालय में समीक्षा बैठक कर डिजिटल प्लेटफॉर्म, मूल्यांकन प्रक्रिया और री-इवैल्यूएशन पोर्टल को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की. सरकार अब टेक्नोलॉजी आधारित और ज्यादा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने पर जोर दे रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
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