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अगर आप मुंबई में रहते हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान जरूर लाएगी. ब्रिटिश मीडिया प्लेटफॉर्म Time Out की City Life Index 2025 रिपोर्ट में मुंबई को एशिया का सबसे खुश शहर घोषित किया गया है. बीजिंग, शंघाई, थाईलैंड का चियांग माई और वियतनाम का हनोई जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ते हुए मुंबई ने एशियाई चार्ट में पहला स्थान हासिल किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 94% मुंबईकरों ने कहा कि ये शहर उन्हें खुश रखता है. 89% लोगों का कहना है कि वे मुंबई में कहीं और से ज्यादा खुश महसूस करते हैं, जबकि 88% का मानना है कि यहां के लोग बेहद पॉजिटिव हैं.
इसके अलावा, 87% लोगों ने माना कि पिछले कुछ सालों में मुंबई में खुशहाली का स्तर बढ़ा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुंबई की खुशहाली का राज उसकी ऊर्जा, कल्चर, नाइटलाइफ, करियर के मौके और बेहतरीन स्ट्रीट फूड में छिपा है.
मुंबई सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक एहसास है. यहां की 24x7 वाइब, बज़िंग सोशल लाइफ, और एंडलेस अपॉर्च्युनिटीज़ लोगों को हर दिन नया जोश देती हैं. रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई की सबसे बड़ी खासियत इसकी लचीलापन (resilience) और इन्क्लूसिविटी (inclusivity) है.
चाहे लोकल ट्रेन में सफर हो या मरीन ड्राइव की शामें, हर कोने में एक पॉजिटिव एनर्जी है जो लोगों को जोड़ती है. टाइम आउट की टीम का कहना है कि मुंबई की स्ट्रीट फूड कल्चर, बॉलीवुड की ग्लैमर इंडस्ट्री और लगातार बढ़ते करियर के मौके इसे बाकी एशियाई शहरों से आगे रखते हैं.
मुंबई के बाद बीजिंग और शंघाई, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. बीजिंग में 93% और शंघाई में 92% लोगों ने कहा कि वे अपने शहर में खुश हैं. दोनों शहरों को उनकी सेफ्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, किफायती जीवनशैली और कल्चर के लिए सराहा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के ये दोनों शहर खासकर Gen Z और यंग प्रोफेशनल्स के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं, जो मॉडर्न और टेक-फ्रेंडली लाइफस्टाइल चाहते हैं.
थाईलैंड का चियांग माई और वियतनाम का हनोई चौथे और पांचवें स्थान पर रहे. दोनों जगहों पर 88% लोगों ने कहा कि वे अपने शहर से खुश हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि इन शहरों की खासियत है उनकी ग्रीन स्पेसेज़, शांत जीवनशैली और लोगों के बीच गहरी कम्युनिटी बॉन्डिंग. हनोई ने चियांग माई को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया.
दिलचस्प बात यह है कि एशिया के कुछ बड़े और विकसित शहर इस लिस्ट में पीछे रह गए. सियोल, सिंगापुर और टोक्यो जैसे शहरों में खुशहाली का स्तर कम पाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, टोक्यो में सिर्फ 70% लोगों ने कहा कि वे अपने शहर में खुश हैं. लंबे वर्किंग ऑवर्स, हाई प्रेशर और तेज़ लाइफस्टाइल ने लोगों के वर्क-लाइफ बैलेंस को बिगाड़ा है.
मुंबई, भारत ??
बीजिंग, चीन ??
शंघाई, चीन ??
चियांग माई, थाईलैंड ??
हनोई, वियतनाम ??
जकार्ता, इंडोनेशिया ??
हांगकांग ??
बैंकॉक, थाईलैंड ??
सिंगापुर ??
सियोल, साउथ कोरिया ??
अबू धाबी, यूएई ??
मेडेलिन, कोलंबिया ??
केप टाउन, साउथ अफ्रीका ??
मेक्सिको सिटी, मेक्सिको ??
मुंबई, भारत ??
बीजिंग, चीन ??
शंघाई, चीन ??
शिकागो, अमेरिका ??
सेविल, स्पेन ??
मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया ??
रिपोर्ट के अनुसार, शहर की खुशहाली सिर्फ लग्ज़री या GDP पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर कि वहां के लोग अपने जीवन से कितने संतुष्ट हैं.
1. मुंबई को एशिया का सबसे खुश शहर किस रिपोर्ट ने बताया?
Time Out की City Life Index 2025 रिपोर्ट के मुताबिक.
2. कितने प्रतिशत मुंबईकर अपने शहर को खुश मानते हैं?
94% लोगों ने कहा कि मुंबई उन्हें खुश रखता है.
3. दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन से शहर हैं?
दूसरे पर बीजिंग और तीसरे पर शंघाई हैं.
4. मुंबई को टॉप पर आने की वजह क्या मानी गई?
शहर की एनर्जी, कल्चर, फूड और पॉजिटिव माहौल.
5. वर्ल्ड की टॉप 10 लिस्ट में मुंबई किस रैंक पर है?
मुंबई दुनिया के सबसे खुश शहरों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर है.