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JBM Auto में मोतीलाल ओसवाल ग्रुप की कंपनियों का निवेश (फोटो- JBM auto)
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. JBM इकोलाइफ मोबिलिटी को एक बड़ी राशि निवेश के तौर पर मिली है, जिसका फायदा कंपनी बिजनेस एक्सपेंशन में करेगी. मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स ने अपने प्राइवेट क्रेडिट फंड और समूह की अन्य इकाइयों के जरिए JBM इकोलाइफ मोबिलिटी में ₹750 करोड़ निवेश करने का ऐलान किया है.
बता दें कि JBM Ecolife, JBM Group का हिस्सा है और देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म कंपनियों में शामिल है. यह निवेश भारत में इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा आधारित मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
JBM इकोलाइफ मोबिलिटी को मिली इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, संचालन और चरणबद्ध तैनाती में इस्तेमाल की जाएगी. इन बसों को अलग-अलग राज्यों के परिवहन प्राधिकरणों के साथ दीर्घकालिक समझौतों के तहत संचालित किया जाएगा.
इस निवेश के जरिए बड़े पैमाने पर जीरो-एमिशन सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे पारंपरिक डीजल बसों पर निर्भरता कम करने और शहरों में प्रदूषण घटाने में मदद मिल सकती है. कंपनी का कहना है कि यह पहल भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्य के अनुरूप भी है.
कंपनी के अनुसार यह निवेश भारतीय निवेशकों की ओर से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है. मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स ने इसे अपने सस्टेनेबिलिटी आधारित निवेश मॉडल का अहम हिस्सा बताया है.
कंपनी का मानना है कि भविष्य में ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के बड़े अवसर बन सकते हैं.
JBM Auto के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निशांत आर्य ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की अगली ग्रोथ स्टेज को गति देने का काम करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी ने FY26 में भारत के इलेक्ट्रिक बस बाजार में मजबूत स्थिति बनाई है और अब इस साझेदारी की मदद से अलग-अलग राज्यों में ई-बस तैनाती और तेज होगी.
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में करीब 3400 JBM इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और अगले 12 महीनों में यह संख्या बढ़कर लगभग 5000 बसों तक पहुंचने का लक्ष्य है.
मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स के मुताबिक भारत में ग्रीन एनर्जी और शहरी मोबिलिटी की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं. ऐसे में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन में लंबी अवधि के निवेश के बड़े अवसर बन रहे हैं.
कंपनी का मानना है कि JBM का मजबूत बाजार नेटवर्क, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन क्षमता और नीति आधारित सपोर्ट इसे इस सेक्टर में मजबूत खिलाड़ी बनाते हैं. साथ ही JBM के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट आधारित मॉडल से स्थिर कैश फ्लो की संभावना भी दिखती है, जो इस तरह के निवेश को और आकर्षक बनाती है.
इस निवेश के जरिए भारत में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है. आने वाले समय में निवेशकों और बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि JBM किस तरह अपने ई-बस नेटवर्क का विस्तार करती है और बढ़ती मांग को पूरा करती है. भारत में स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह निवेश एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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