4 जून को दस्तक देगा मॉनसून, दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ पड़े ओले

बुधवार की सुबह भी मौसम खुशगंवार बना रहा. बारिश के साथ ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है. बताया जा रहा है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्री-मॉनसून बारिश हो रही है.
4 जून को दस्तक देगा मॉनसून, दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ पड़े ओले

उत्तराखंड के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब, राजस्थान, हरियाणा में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है. दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्री- मॉनसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं. (Photo- Zeebiz)

दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज नरम चल रहा है. मंगलवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई. बुधवार की सुबह भी मौसम खुशगंवार बना रहा. बारिश के साथ ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है. बताया जा रहा है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्री-मॉनसून बारिश हो रही है और अगले 2-3 मौसम का ठंडा ही बना रहेगा. पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स के कारण या तो बारिश हो रही है या फिर तेज हवाएं चल रही हैं.

उधर, मौसम विभाग ने मॉनसून के बारे में बताया है कि इस बार मॉनसून देश में दो दिन की देरी से दस्तक देगा. 4 जून को मॉनसून के केरल पहुंचने का अनुमान है.

वेस्टर्न डिस्टर्बन्स के कारण दिल्ली-एनसीआर में बारिश
उत्तरी पाकिस्तान पर ताजा वेस्टर्न डिस्टर्बन्स बना हुआ है. इस दबाव के कारण हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब, राजस्थान, हरियाणा में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है. दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्री- मॉनसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं.

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मौसम का पूर्वानुमान करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने यह पूर्वानुमान जारी किया है. एजेंसी ने कहा है कि मानसून में बारिश सामान्य से कम रह सकती है और इस बार मॉनसून की गति सहज नहीं रहने की भी संभावना है क्योंकि पूरे भारत में इसकी प्रगति सुचारु रूप से नहीं होगी. मॉनसून के सामान्य से नीचे 93 फीसदी रहने की संभावना है.

Monsoon

पूरे चार महीने के मानसून के मौसम के दौरान देश में औसत या सामान्य वर्षा 50 साल के औसत के आधार पर 96 से 104 प्रतिशत के बीच परिभाषित की गई है.

भारत में मॉनसून सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आता है. आमतौर पर पर मॉनसून 20 मई से शुरू हो जाता है. इस बार यहां मॉनसून 22 मई को शुरू होगा. केरल में मॉनसून 4 जून तक दस्तक दे सकता है.

स्काईमेट के अनुसार, मॉनसून का चारों क्षेत्रों में कमज़ोर प्रदर्शन देखने को मिलेगा. पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत में और मध्य भारत मे कम बारिश रहेगी. जबकि उत्तर पश्चिम और दक्षिण भारत में सामान्य बारिश रहेगी.

राज्यों में मॉनसून की स्तिथि
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में मॉनसून ठीक रहेगा. कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहेगी जबकि, कर्नाटक के बाकी हिस्सों में सामान्य बारिश होगी. तमिलनाडु में आमतौर पर ज़्यादा बारिश नहीं होती है, इसलिए तमिलनाडु के कुछ अंदरूनी हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है.

महारष्ट्र में जून के महीने में बारिश कुछ कम रहेगी लेकिन उसके बाद मौसम अच्छा रहेगा. ओड़िसा और छत्तीसगढ़ में इस बार अच्छी बारिश होगी. आंध्र प्रदेश में अच्छी बारिश पड़ने की संभावना है वहीं, तेलंगाना में मॉनसून सामान्य रहेगा. असम, मेघालय, अरुणांचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, त्रिपुरा में चारों महीनों मॉनसून का प्रदर्शन काफी अच्छा रहने वाला है.

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में इस साल सामान्य से कम बारिश होगी. उत्तर प्रदेश में 15 जून से मॉनसून शुरू होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रहेगी लेकिन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश सामान्य से कुछ कम रहेगी. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में इस साल अच्छी बारिश पड़ेगी. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यहां मॉनसून का प्रदर्शन बेहतर होगा.

राजस्थान में भी मॉनसून का प्रदर्शन अच्छा रहेगा. पिछले कुछ सालों से राजस्थान में लगातार अच्छी बारिश देखने को मिली है और इस साल भी अनुमान ऐसा ही है. गुजरात में अभी मॉनसून का अनुमान लगा पाना मुश्किल है.

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