कन्फर्म- 4 दिन पहले आ रहा है मॉनसून! शनिवार को अंडमान-निकोबार पहुंचेगा; जानिए आपके राज्य में कब होगी पहली बारिश

IMD के मुताबिक, मॉनसून की शुरुआत मजबूत दिखाई दे रही है. अंडमान-निकोबार में तय समय से पहले दस्तक पूरे सीजन की दिशा तय कर सकती है. हालांकि, असली तस्वीर जून के पहले हफ्ते में साफ होगी, जब मॉनसून केरल पहुंचेगा. फिलहाल, IMD की नजर बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और अरब सागर की हवाओं पर टिकी है.
कन्फर्म- 4 दिन पहले आ रहा है मॉनसून! शनिवार को अंडमान-निकोबार पहुंचेगा; जानिए आपके राज्य में कब होगी पहली बारिश

IMD के मुताबिक, 16-17 मई तक मॉनसून अंडमान सागर और निकोबार तक पहुंच सकता है. (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGPT)

देश में भीषण गर्मी के बीच अब हर किसी की नजर सिर्फ एक चीज पर है- मॉनसून. और अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) से बड़ा अपडेट आया है. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तय समय से करीब 4 दिन पहले अंडमान-निकोबार पहुंच सकता है. अगर ऐसा होता है, तो ये पूरे देश में मॉनसून की एंट्री को तेज कर सकता है.

IMD का कहना है कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं. बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम और मजबूत नमी इसकी सबसे बड़ी वजह माने जा रहे हैं.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है - आपके राज्य में मॉनसून कब पहुंचेगा?

हम यहां 2026 का पूरा Tentative Monsoon Tracker दिखा रहे हैं, जिसमें राज्यवार संभावित तारीखें, मॉनसून की चाल और IMD के ताजा संकेत शामिल हैं.

सबसे पहले समझिए: मॉनसून अभी कहां पहुंचा?

IMD के मुताबिक, 16-17 मई तक मॉनसून अंडमान सागर और निकोबार तक पहुंच सकता है. सामान्य तौर पर मॉनसून 20 मई तक अंडमान पहुंचता है. केरल में इसकी सामान्य एंट्री 1 जून मानी जाती है. यानी इस बार शुरुआत थोड़ी तेज दिखाई दे रही है.

क्यों अहम है अंडमान में मॉनसून की एंट्री?

भारत में मॉनसून की “Official Journey” अंडमान से ही शुरू मानी जाती है. अगर यहां मॉनसून जल्दी पहुंचता है, तो केरल में भी जल्दी एंट्री की संभावना बढ़ती है.

  • प्री-मॉनसून बारिश तेज हो सकती है
  • गर्मी से राहत जल्दी मिल सकती है
  • खेती की तैयारी समय से शुरू हो सकती है

हालांकि, मौसम विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि अंडमान में जल्दी एंट्री का मतलब हमेशा पूरे भारत में जल्दी मॉनसून नहीं होता. आगे की हवाओं, अरब सागर की स्थिति और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम पर बहुत कुछ निर्भर करेगा.

Monsoon 2026 Tracker: किस राज्य में कब पहुंच सकता है मॉनसून?

दक्षिण भारत मॉनसून ट्रैकर

राज्यसंभावित तारीख
अंडमान-निकोबार16-17 मई
केरल28 मई-1 जून
तमिलनाडु1-5 जून
कर्नाटक3-7 जून
आंध्र प्रदेश5-10 जून
तेलंगाना8-12 जून

पश्चिम और मध्य भारत

राज्यसंभावित तारीख
महाराष्ट्र8-12 जून
गोवा7-10 जून
गुजरात15-20 जून
मध्य प्रदेश15-22 जून
छत्तीसगढ़13-18 जून

उत्तर और पूर्व भारत

राज्यसंभावित तारीख
ओडिशा10-15 जून
पश्चिम बंगाल10-14 जून
बिहार15-20 जून
झारखंड14-18 जून
उत्तर प्रदेश20-25 जून
दिल्ली27 जून-2 जुलाई
पंजाब/हरियाणा29 जून-5 जुलाई
राजस्थान25 जून-5 जुलाई

monsoon 2026 tracker state wise

इस बार मॉनसून की चाल अलग क्यों दिख रही है?

इस बार कई मौसमीय सिस्टम एक साथ एक्टिव हैं.

IMD के मुताबिक:

  • बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है
  • समुद्र में नमी ज्यादा है
  • दक्षिण भारत में लगातार प्री-मॉनसून बारिश हो रही है
  • अंडमान क्षेत्र में तेज बारिश के संकेत हैं

इसी वजह से मॉनसून की शुरुआती चाल तेज दिखाई दे रही है.

क्या इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश होगी?

यहां तस्वीर थोड़ी दिलचस्प है.

कुछ शुरुआती मॉडल:

सामान्य से कम बारिश की तरफ इशारा कर रहे हैं. IMD ने पहले “Below Normal” मानसून की आशंका जताई थी. Long Period Average का करीब 92% बारिश रहने का अनुमान है. लेकिन, एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि जून-जुलाई में बनने वाले सिस्टम तस्वीर बदल सकते हैं.

किसानों और आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर मॉनसून समय से आता है तो:

  • धान की बुआई जल्दी शुरू होगी
  • बिजली की मांग कम हो सकती है
  • तापमान में राहत मिलेगी
  • जल संकट वाले इलाकों को फायदा होगा

लेकिन अगर मॉनसून बीच में कमजोर पड़ा, तो:

  • खेती प्रभावित हो सकती है
  • खाद्य महंगाई बढ़ सकती है
  • बिजली संकट बढ़ सकता है

यानी सिर्फ “जल्दी आने” से ज्यादा जरूरी है- मॉनसून का लगातार एक्टिव रहना.

IMD ने लॉन्च किए AI आधारित मॉनसून मॉडल

इस बार एक बड़ा बदलाव भी हुआ है. IMD ने पहली बार AI आधारित मौसम मॉडल लॉन्च किए हैं, जो

  • 10 दिन पहले तक लोकल फोरकास्ट दे सकते हैं
  • मॉनसून की चाल को ज्यादा सटीक तरीके से ट्रैक करेंगे
  • किसानों और राज्यों को बेहतर अलर्ट देंगे

यानी 2026 का मॉनसून ट्रैकिंग सिस्टम पहले से ज्यादा एडवांस होने वाला है.

क्या दिल्ली-NCR में जल्दी पहुंचेगा मॉनसून?

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगा. दिल्ली में मॉनसून आमतौर पर 27 जून से 1 जुलाई के बीच पहुंचता है. अगर केरल में जल्दी एंट्री होती है और अरब सागर की शाखा मजबूत रहती है, तो NCR में भी 2-4 दिन पहले बारिश शुरू हो सकती है.

आखिर में काम की बात

अभी सबसे बड़ा संकेत यही है कि मॉनसून की शुरुआत मजबूत दिखाई दे रही है. अंडमान-निकोबार में तय समय से पहले दस्तक पूरे सीजन की दिशा तय कर सकती है. हालांकि, असली तस्वीर जून के पहले हफ्ते में साफ होगी, जब मॉनसून केरल पहुंचेगा. फिलहाल, IMD की नजर बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और अरब सागर की हवाओं पर टिकी है. अगर सब कुछ इसी तरह बना रहा, तो इस बार गर्मी से राहत जल्दी मिल सकती है.

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