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पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं. 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यहीं से भारत का ज्यादातर तेल और गैस आता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत सरकार इस स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है और आम जनता को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं.
21 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने न केवल ईंधन की सप्लाई चेन को मजबूत किया है, बल्कि विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की मुहिम भी तेज कर दी है. आइए, इस पूरी स्थिति को अलग-अलग पहलुओं से विस्तार से समझते हैं.
पश्चिम एशिया के संकट का सबसे सीधा असर गैस की उपलब्धता पर पड़ता है. सरकार ने इसके लिए एक बहुआयामी रणनीति (Multi-pronged strategy) अपनाई है:
कमर्शियल LPG में बड़ी राहत: रेस्तरां, होटल और ढाबा चलाने वालों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में 20% की और बढ़ोतरी कर दी है. अब कुल आवंटन (Allocation) बढ़कर 50% हो गया है. इसमें उन प्रवासी मजदूरों को भी प्राथमिकता दी गई है जो 5kg वाले छोटे सिलेंडर (FTL) का इस्तेमाल करते हैं.
PNG पर शिफ्ट होने की सलाह: सरकार चाहती है कि बड़े शहरों के कमर्शियल उपभोक्ता LPG के बजाय PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) का इस्तेमाल करें. इसके लिए होटलों और कैंटीनों को प्राथमिकता के आधार पर नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं. GAIL, IGL और BPCL जैसी कंपनियां इसके लिए खास इंसेंटिव भी दे रही हैं.
पेट्रोल-डीजल का स्टॉक: सरकार ने दोबारा भरोसा दिलाया है कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं. पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. इसलिए किसी भी तरह की 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) न करें.
संकट के समय कुछ लोग होर्डिंग (जमाखोरी) और ब्लैक मार्केटिंग शुरू कर देते हैं. सरकार ने ऐसे लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:
छापेमारी जारी: उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अब तक 3500 से ज्यादा छापेमारी की गई है.
जब्ती: इस दौरान लगभग 1,400 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
कंट्रोल रूम: 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 'कंट्रोल रूम' और जिला स्तर की निगरानी समितियां बना ली हैं, जो हर दिन सप्लाई की रिपोर्ट ले रही हैं.
पश्चिम एशिया में लाखों भारतीय काम करते हैं, उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है:
15 नाविकों की वापसी: इराक से MT Safesea Vishnu जहाज के 15 भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित भारत लौट आए हैं. यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत है.
समर्थन और हेल्पलाइन: खाड़ी क्षेत्र में अभी भी 22 भारतीय झंडे वाले जहाज हैं, जिनमें 611 नाविक मौजूद हैं. डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24x7 काम कर रहा है और अब तक 3,670 से ज्यादा कॉल हैंडल कर चुका है.
नागरिकों की घर वापसी: 28 फरवरी से अब तक लगभग 3.3 लाख भारतीय पश्चिम एशिया से सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं. यूएई, सऊदी अरब और ओमान से लगातार फ्लाइट्स चल रही हैं.
| कमर्शियल LPG | 50% सप्लाई बहाल | रेस्तरां और छोटे वेंडर्स को प्राथमिकता |
| डोमेस्टिक LPG | सामान्य सप्लाई | बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25-45 दिन किया गया |
| PNG सप्लाई | 100% (CNG/D-PNG) | कमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG पर शिफ्ट करने की सलाह |
| मिट्टी का तेल (SKO) | 48,000 KL एक्स्ट्रा | LPG पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन |
| कोयला | सप्लाई बढ़ाई गई | छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कोयला आवंटित |
| नागरिक वापसी | 3.3 लाख लौटे | विशेष उड़ानें और वैकल्पिक रूट (सऊदी अरब के रास्ते) |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभालते हुए बहरीन के राजा महामहिम किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बात की.
मुद्दे: पीएम ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की और कहा कि इससे वैश्विक खाद्य और ईंधन सुरक्षा को खतरा है.
शिपिंग लाइन्स: उन्होंने 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' (समुद्री रास्तों की आजादी) पर जोर दिया ताकि व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे. बहरीन के राजा ने वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है.
गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि वे मिट्टी तेल (Kerosene) और कोयले का इस्तेमाल उन जगहों पर बढ़ाएं जहां मुमकिन हो. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PESO) को निर्देश दिया गया है कि PNG इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी फाइलों को 10 दिन के भीतर क्लियर किया जाए, ताकि गैस नेटवर्क तेजी से फैले.
हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ है, लेकिन भारत सरकार की 'प्रो-एक्टिव' (Pro-active) तैयारी ने देश को बड़े संकट से बचा रखा है. पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और गैस की सप्लाई धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. सबसे बड़ी राहत की बात हमारे नाविकों और नागरिकों की सुरक्षित वापसी है. हमें बस इतना करना है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करें.
1- क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी होने वाली है?
नहीं, रिफाइनरियों के पास पर्याप्त क्रूड ऑयल का स्टॉक है और सप्लाई चैन सामान्य रूप से काम कर रही है.
2- कमर्शियल LPG का कोटा क्यों बढ़ाया गया?
ताकि होटल और रेस्तरां सुचारू रूप से चल सकें और खाद्य पदार्थों की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी न हो.
3- क्या कुवैत और बहरीन से फ्लाइट्स बंद हैं?
हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां से सीधी उड़ानें प्रभावित हैं, लेकिन यात्रियों को सऊदी अरब के रास्ते वापस लाया जा रहा है.
4- पैनिक बुकिंग (Panic Booking) क्या है?
डर की वजह से जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करना. इससे सप्लाई चैन पर दबाव बढ़ता है, सरकार ने इससे बचने की सलाह दी है.
5- क्या होर्मुज संकट से तेल महंगा होगा?
अगर तनाव लंबे समय तक चला तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत सरकार ने कीमतों को स्थिर रखने के लिए पर्याप्त रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) रखा हुआ है.
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