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पावर प्लांट्स में 55 मिलियन टन कोयला. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)
भारत सरकार के पेट्रोलियम और ऊर्जा मंत्रालयों ने देश की ऊर्जा स्थिति पर बड़ी राहत दी है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंपों और LPG गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है, जबकि कमर्शियल गैस की सप्लाई भी 70% तक बहाल हो चुकी है. दूसरी ओर, पावर मिनिस्ट्री ने भरोसा दिलाया है कि देश के पावर प्लांट्स के पास कोयले का पर्याप्त भंडार है और गर्मी के मौसम में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए 32,000 MW की अतिरिक्त क्षमता जल्द जोड़ी जाएगी.
नहीं. पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, सभी पेट्रोल स्टेशनों और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक है. कहीं भी कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है. घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है और 98% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है. वहीं, कमर्शियल एलपीजी सप्लाई करीब 70% तक बहाल हो चुकी है. 14 मार्च से अब तक लगभग 1,06,000 टन एलपीजी की बिक्री हुई है, जबकि रोजाना 6,000 से 6,500 टन की बिक्री हो रही है.
सपोर्ट के तौर पर 5 किलो के सिलेंडर की सप्लाई बिना आईडी के दोगुनी कर दी गई है. 23 मार्च से अब तक करीब 11 लाख सिलेंडर बिक चुके हैं, जिनमें रोजाना लगभग 1 लाख की बिक्री हो रही है. इसके अलावा 2,400 से ज्यादा जागरूकता कैंप भी लगाए गए हैं.
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नेचुरल गैस की सप्लाई में घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है. इंडस्ट्री को करीब 80% सप्लाई मिल रही है, जबकि फर्टिलाइजर सेक्टर को 95% तक बहाल किया जा चुका है. साथ ही, LNG से PNG की ओर शिफ्ट करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
पॉवर मिनिस्ट्री के एडिशनल सेक्रेटरी पीयूष सिंह के अुसार, संकट के दौरान मंत्रालय ने सेक्शन 11 के तहत निर्देश जारी कर आयातित कोयले पर आधारित सभी पावर प्लांट्स को पूरी क्षमता से चलाने को कहा. इससे लगभग 4000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई, जिसमें टाटा पावर का CGPL मुंद्रा प्लांट भी शामिल है.
साथ ही, निर्धारित मेंटेनेंस को तीन महीने के लिए टाल दिया गया, जिससे करीब 10,000 मेगावाट अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई. कोयले की सप्लाई में मजबूत समन्वय के चलते स्टॉक लगभग 5.5 करोड़ टन बना हुआ है, जो करीब 19 दिनों के लिए पर्याप्त है.
इसके अलावा, अगले तीन महीनों में थर्मल, सोलर, विंड और हाइड्रो सेक्टर में करीब 22,000 मेगावाट नई क्षमता जोड़ने की योजना है.
गैस आधारित क्षमता भले ही कुल का केवल 1.4% है, लेकिन यह लगातार संचालित हो रही है। अब गैस प्लांट्स को LNG आयात करने की मंजूरी भी दी गई है, जिससे कुल मिलाकर बिजली सप्लाई स्थिर बनी हुई है.
Q1. क्या देश में पेट्रोल या LPG की कमी होने वाली है?
नहीं. पेट्रोल पंप और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, कहीं भी कमी की रिपोर्ट नहीं है.
Q2. घरेलू गैस की सप्लाई कैसी है?
पूरी तरह सामान्य है. 98% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जिससे डिलीवरी सिस्टम भी सुचारू बना हुआ है.
Q3. कमर्शियल LPG की स्थिति क्या है?
करीब 70% सप्लाई बहाल हो चुकी है. रोजाना 6,000-6,500 टन बिक्री हो रही है.
Q4. छोटे सिलेंडर को लेकर क्या बदलाव हुआ है?
सप्लाई दोगुनी कर दी गई है. बिना ID के भी उपलब्ध कराया जा रहा है. रोजाना करीब 1 लाख सिलेंडर बिक रहे हैं.
Q5. क्या नेचुरल गैस की कमी है?
नहीं. घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है. इंडस्ट्री को 80% और फर्टिलाइजर सेक्टर को 95% सप्लाई मिल रही है.
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