LPG: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, देश में गैस राशनिंग लागू, गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले

मध्य पूर्व संकट और LNG सप्लाई में बाधा की आशंका के बीच भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस का राशनिंग सिस्टम लागू किया है. घरेलू PNG, CNG और LPG उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उद्योगों को औसत खपत के आधार पर सीमित गैस आवंटित की जाएगी.
LPG: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला, देश में गैस राशनिंग लागू, गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से LNG सप्लाई में बाधा के चलते भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस के वितरण को नियंत्रित करने का बड़ा फैसला लिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अधिसूचना जारी करते हुए देश में गैस की राशनिंग व्यवस्था लागू कर दी है, असल में यह आदेश 9 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है.

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, तो फिर इसलिए जरूरी क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.

घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी पूरी गैस सप्लाई

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सरकार ने साफ किया है कि सबसे पहले आम लोगों और जरूरी क्षेत्रों की जरूरत पूरी की जाएगी.

इन सेक्टरों को पिछले 6 महीनों की औसत खपत के आधार पर 100% गैस उपलब्ध कराई जाएगी

  • घरेलू PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस)
  • परिवहन के लिए CNG
  • LPG उत्पादन


पाइपलाइन संचालन के लिए ईंधन

सरकार का मकसद साफ है कि आम लोगों के किचन गैस, वाहन और घरेलू गैस सप्लाई पर कोई असर न पड़े

उर्वरक और उद्योगों को सीमित गैस

  • घरेलू जरूरतों के बाद अन्य सेक्टरों को उनकी औसत खपत के आधार पर लिमिटेड गैस दी जाएगी
  • उर्वरक संयंत्र-लगभग 70% गैस आवंटन
  • चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ता- लगभग 80% गैस
  • साफ है कि इसस सरकार का मानना है कि इससे खाद उत्पादन और जरूरी उद्योगों की सप्लाई भी पूरी तरह प्रभावित नहीं होगी.

गैर-प्राथमिकता उद्योगों से गैस हटेगी

अगर जरूरत पड़ी तो सरकार कम जरूरत वाले उद्योगों से गैस कम करके जरूरी सेक्टरों को भेजेगी.
इन सेक्टरों से कटौती की जा सकती है-

  • पेट्रोकेमिकल प्लांट
  • गैस आधारित बिजली संयंत्र
  • तेल रिफाइनरी

उदाहरण के तौर पर रिफाइनरियों की गैस सप्लाई को उनके पिछले 6 महीनों की खपत के लगभग 65% तक कम किया जा सकता है.

lpg

LPG पर 3 बड़ी बातें

- सरकार ने कमी को देखते हुए लागू किया रेशनलाइजेशन ऑर्डर
- LPG सिलिंडर सप्लाई को मॉनिटर करने के लिए बनाई OMCs के 3 ED की कमेटी
- कालाबाजारी, और होर्डिंग रोकने के उद्देश्य से ReBooking टाइमलाइन को 21 से बढ़ाकर 25 दिन किया

GAIL और PPAC को दी गई निगरानी की जिम्मेदारी

सरकार ने इस पूरी व्यवस्था के कार्यान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी GAIL और PPAC (Petroleum Planning and Analysis Cell) को दी है. ये संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि गैस का आवंटन तय प्राथमिकता के अनुसार किया जाए और जरूरत पड़ने पर सप्लाई को एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में ट्रांसफर किया जा सके.

पुराने गैस अनुबंधों पर भी लागू होगा आदेश

सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश मौजूदा गैस सप्लाई अनुबंधों पर भी लागू होगा.इसका मतलब है कि अगर किसी कंपनी के पास पहले से गैस सप्लाई का अनुबंध है, तब भी सरकार के इस आदेश के तहत गैस का पुनर्वितरण किया जा सकता है. इसे फोर्स मेज्योर क्लॉज के तहत लागू किया गया है.

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के मुताबिक दो बातें फिलहाल साफ हैं, एलएनजी सप्लाई में कमी की आशंका और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना जरूरी.तो इसी वजह से सरकार ने गैस की उपलब्धता को संतुलित रखने के लिए राशनिंग लागू की है

आसान भाषा में समझें पूरी स्थिति

मध्य पूर्व संकट से गैस सप्लाई प्रभावित हो सकती है ,तो इसलिए सरकार ने गैस का नियंत्रित वितरण (rationing) लागू किया है. ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी क्षेत्रों को पूरी गैस मिल सकेगी. जबकि उद्योगों को औसत खपत के आधार पर कम गैस दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों, उर्वरक उत्पादन और जरूरी सेवाओं में गैस की कमी न हो.


FAQs

1. भारत में गैस राशनिंग क्यों लागू की गई है?
मध्य पूर्व संघर्ष के कारण LNG सप्लाई में बाधा आने की आशंका है, इसलिए सरकार ने गैस का नियंत्रित वितरण लागू किया है

2. किन सेक्टरों को गैस की प्राथमिकता मिलेगी?
घरेलू PNG, CNG, LPG उत्पादन और पाइपलाइन संचालन को प्राथमिकता दी गई है

3. उर्वरक और उद्योगों को कितनी गैस मिलेगी?
उर्वरक संयंत्रों को लगभग 70% और अन्य उद्योगों को लगभग 80% गैस दी जाएगी

4. गैस वितरण की निगरानी कौन करेगा?
GAIL और PPAC (Petroleum Planning and Analysis Cell) इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे

5. क्या यह आदेश पुराने गैस अनुबंधों पर भी लागू होगा?
हाँ, सरकार का यह आदेश मौजूदा गैस सप्लाई अनुबंधों पर भी लागू होगा और जरूरत पड़ने पर सप्लाई का पुनर्वितरण किया जा सकता है

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