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गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने हुए हैं. (प्रतीकात्मका फोटो:AI)
देश में रसोई गैस के दाम फिर बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है. इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 913 रुपए का हो गया है, जो पहले 853 रुपए में मिल रहा था. वहीं, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी 114-115 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं.
नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं. इससे पहले अप्रैल 2025 में घरेलू सिलेंडर 50 रुपए महंगा हुआ था.
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा सप्लाई संकट को लेकर चिंता बढ़ रही है.
| शहर | नए दाम (₹) | पुराने दाम (₹) | अंतर (₹) |
| दिल्ली | 913 | 853 | +60 |
| कोलकाता | 939 | 879 | +60 |
| मुंबई | 912.5 | 852.5 | +60 |
| चेन्नई | 928.5 | 868.5 | +60 |
| शहर | नए दाम (₹) | पुराने दाम (₹) | अंतर (₹) |
| दिल्ली | 1883 | 1768.5 | +114.5 |
| कोलकाता | 1990 | 1875.5 | +114.5 |
| मुंबई | 1835 | 1720.5 | +114.5 |
| चेन्नई | 2043.5 | 1929 | +114.5 |
गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने हुए हैं. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है.
इसी वजह से भारत सरकार ने एलपीजी की संभावित किल्लत को रोकने के लिए आपात कदम उठाए हैं.
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5 मार्च को सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया.
अब रिफाइनरियों को कहा गया है कि:
प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल प्राथमिकता से LPG बनाने में करें
इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को दें
सरकारी तेल कंपनियों में शामिल हैं:
इस कदम का उद्देश्य है कि देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित न हो.
1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट
भारत:
इसी रूट से आयात करता है. युद्ध के कारण यह रूट जोखिम में आ गया है.
2. कतर के LNG प्लांट पर असर
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कतर के LNG प्लांट का उत्पादन प्रभावित हुआ है.
भारत:
अगर सप्लाई बाधित होती है तो भारत को महंगी स्पॉट गैस खरीदनी पड़ सकती है.
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गैस सप्लाई संकट को देखते हुए सिटी गैस कंपनियों के संगठन ACE ने सरकारी कंपनी GAIL को पत्र लिखा है.
कंपनियों का कहना है कि:
फिलहाल स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत 25 डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट गैस से काफी ज्यादा है.
सरकार के फैसले से कुछ प्राइवेट कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है.
खासतौर पर:
क्योंकि:
हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है. भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति में बदलाव किया है.
रूस से बढ़ी तेल खरीद
पर्याप्त स्टॉक
LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा सप्लाई जोखिम से जुड़ी हुई है. मिडिल ईस्ट में हालात अगर लंबे समय तक तनावपूर्ण रहते हैं तो इसका असर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है. हालांकि सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों के जरिए घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने की तैयारी शुरू कर दी है.