LPG Cylinder Price: महंगा हुआ 14.2Kg वाला रसोई गैस सिलेंडर, रात जब आप सो रहे थे सरकार ने बढ़ा दिए दाम- आज से लागू

मिडिल ईस्ट में हालात अगर लंबे समय तक तनावपूर्ण रहते हैं तो इसका असर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है. हालांकि सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों के जरिए घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने की तैयारी शुरू कर दी है.
LPG Cylinder Price: महंगा हुआ 14.2Kg वाला रसोई गैस सिलेंडर, रात जब आप सो रहे थे सरकार ने बढ़ा दिए दाम- आज से लागू

गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने हुए हैं. (प्रतीकात्मका फोटो:AI)

देश में रसोई गैस के दाम फिर बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है. इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 913 रुपए का हो गया है, जो पहले 853 रुपए में मिल रहा था. वहीं, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी 114-115 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं.

नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं. इससे पहले अप्रैल 2025 में घरेलू सिलेंडर 50 रुपए महंगा हुआ था.

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा सप्लाई संकट को लेकर चिंता बढ़ रही है.

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बड़े शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के नए दाम

शहरनए दाम (₹)पुराने दाम (₹)अंतर (₹)
दिल्ली913853+60
कोलकाता939879+60
मुंबई912.5852.5+60
चेन्नई928.5868.5+60

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़े

शहरनए दाम (₹)पुराने दाम (₹)अंतर (₹)
दिल्ली18831768.5+114.5
कोलकाता19901875.5+114.5
मुंबई18351720.5+114.5
चेन्नई2043.51929+114.5

सरकार ने क्यों बढ़ाए LPG के दाम?

गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने हुए हैं. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है.

इसी वजह से भारत सरकार ने एलपीजी की संभावित किल्लत को रोकने के लिए आपात कदम उठाए हैं.

सरकार का बड़ा कदम: LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश

5 मार्च को सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया.

अब रिफाइनरियों को कहा गया है कि:

प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल प्राथमिकता से LPG बनाने में करें

इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को दें

सरकारी तेल कंपनियों में शामिल हैं:

  • इंडियन ऑयल (IOC)
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
  • भारत पेट्रोलियम (BPCL)

इस कदम का उद्देश्य है कि देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित न हो.

गैस सप्लाई संकट की दो बड़ी वजह

1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट

  • भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है.
  • यह 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है
  • फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है
  • दुनिया के 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है

भारत:

  • 50% कच्चा तेल
  • 54% LNG

इसी रूट से आयात करता है. युद्ध के कारण यह रूट जोखिम में आ गया है.

2. कतर के LNG प्लांट पर असर

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कतर के LNG प्लांट का उत्पादन प्रभावित हुआ है.

भारत:

  • अपनी करीब 40% LNG जरूरत
  • यानी लगभग 2.7 करोड़ टन गैस सालाना
  • कतर से ही आयात करता है.

अगर सप्लाई बाधित होती है तो भारत को महंगी स्पॉट गैस खरीदनी पड़ सकती है.

CNG कंपनियों ने भी जताई चिंता

गैस सप्लाई संकट को देखते हुए सिटी गैस कंपनियों के संगठन ACE ने सरकारी कंपनी GAIL को पत्र लिखा है.

कंपनियों का कहना है कि:

  • अगर कतर से सस्ती गैस नहीं मिली
  • तो उन्हें स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी

फिलहाल स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत 25 डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट गैस से काफी ज्यादा है.

प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ेगा असर

सरकार के फैसले से कुछ प्राइवेट कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है.

खासतौर पर:

  • Reliance Industries

क्योंकि:

  • प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा
  • इससे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स का उत्पादन घट सकता है
  • ये उत्पाद आमतौर पर LPG से ज्यादा मुनाफा देते हैं.

राहत की बात: भारत के पास बैकअप प्लान

हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है. भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति में बदलाव किया है.

रूस से बढ़ी तेल खरीद

  • भारत अब करीब 20% कच्चा तेल रूस से आयात कर रहा है.

पर्याप्त स्टॉक

  • सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश में पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद है.

पेट्रोल-डीजल, गैस कीमत पर पड़ेगा असर

LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा सप्लाई जोखिम से जुड़ी हुई है. मिडिल ईस्ट में हालात अगर लंबे समय तक तनावपूर्ण रहते हैं तो इसका असर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है. हालांकि सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों के जरिए घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने की तैयारी शुरू कर दी है.

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