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सरकार का कहना है कि अगर लोग सामान्य तरीके से गैस का इस्तेमाल करें तो सप्लाई व्यवस्था जल्दी स्थिर हो सकती है. (प्रतीकात्मक फोटो)
देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती बुकिंग के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में गैस की स्थिति फिलहाल चिंताजनक जरूर है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सप्लाई को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पैनिक बुकिंग से बचें और गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास लाइन न लगाएं, क्योंकि इससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में क्रूड ऑयल की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं.
सरकार ने साफ किया कि मौजूदा स्थिति का असर पेट्रोल और CNG सप्लाई पर नहीं है.
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल पंप या CNG स्टेशन ड्राई आउट नहीं हुए हैं, यानी इन ईंधनों की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है.
सरकार ने गैस वितरण में पारदर्शिता और चोरी रोकने के लिए DAC (Delivery Authentication Code) सिस्टम को मजबूत किया है.
DAC एक OTP आधारित सिस्टम है जिसमें गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के मोबाइल पर एक कोड भेजा जाता है. यह कोड बताने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाती है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
इससे फर्जी डिलीवरी और सिलेंडर के डायवर्जन पर रोक लगाने में मदद मिल रही है.
LPG की बढ़ती मांग के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं.
इसे रोकने के लिए तेल कंपनियों (OMCs) और राज्य प्रशासन ने मिलकर औचक निरीक्षण और छापेमारी शुरू की है.
अब तक:
सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.
सरकार ने कहा कि कमर्शियल LPG की सप्लाई में राज्यों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है.
राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे:
इसके अलावा राज्यों को घरेलू और कमर्शियल गैस की सप्लाई को संतुलित रखने के लिए भी कहा गया है.
LPG पर दबाव कम करने के लिए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है.
इससे घरेलू और कमर्शियल सेक्टर में LPG पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है.
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने बताया कि विदेश से आने वाले LPG जहाजों की लगातार निगरानी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि LPG कैरियर ‘शिवालिक’ आज शाम करीब 5 बजे भारतीय पोर्ट पर पहुंच सकता है, ‘जग लाडकी’ जहाज कल तक मुंद्रा पोर्ट पहुंच सकता है. DG शिपिंग और पोर्ट अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
पोर्ट्स को निर्देश दिए गए हैं कि जहाजों के पहुंचने से पहले सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि गैस की सप्लाई जल्दी शुरू हो सके.
शिपिंग मंत्रालय ने यह भी बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय जहाज सुरक्षित हैं और सभी समुद्री मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है.
अब तक 286 भारतीय नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.
उन्होंने भारतीय नागरिकों से सरकार की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की.
सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की हैं:
सरकार का कहना है कि अगर लोग सामान्य तरीके से गैस का इस्तेमाल करें तो सप्लाई व्यवस्था जल्दी स्थिर हो सकती है.
सरकार ने साफ किया है कि देश में LPG सप्लाई पर फिलहाल दबाव जरूर है, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.
DAC सिस्टम की मजबूती, कालाबाजारी पर कार्रवाई, PNG कनेक्शन को बढ़ावा और विदेश से आने वाले LPG जहाजों की निगरानी जैसे उपायों से आने वाले दिनों में गैस सप्लाई में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.