गैस संकट के बीच CGD कंपनियों की चांदी! PNG कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार का जोर

LPG Price: एलपीजी संकट के बीच पीएनजी कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है. यह सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के लिए बड़ा ग्रोथ का मौका बन सकता है.
गैस संकट के बीच CGD कंपनियों की चांदी! PNG कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार का जोर

(File Image)

LPG Price: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में एलपीजी (LPG) सप्लाई पर दबाव बढ़ता दिखा. इसी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने ग्राहकों से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट होने की अपील की है. साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को कनेक्शन की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने 13-14 मार्च 2026 को कहा कि LPG सिलेंडर पर पैनिक बुकिंग जारी है, आंकड़ा 88.8लाख तक पहुंच गया है और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण LPG सप्लाई पर दबाव है. घरेलू PNG यूजर्स पहले से 1.5 करोड़ हैं, जबकि 60 लाख घर PNG पाइपलाइन के पास हैं, ये आसानी से शिफ्ट कर सकते हैं.

GAIL ने सभी CGD कंपनियों के साथ बैठक की

Add Zee Business as a Preferred Source

सरकारी कंपनी गेल (GAIL) ने इस मामले पर सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के साथ बैठक की. ट्रांजिशन को आसान बनाने के लिए GAIL और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ बैठक हुई.

CGD कंपनियों को निर्देश

  • घरेलू और वैध कमर्शियल कंज्यूमर्स को PNG कनेक्शन तुरंत दें जहां संभव हो.
  • राष्ट्रीय PNG Drive 2.0 (जनवरी-मार्च 2026) पहले से चल रही थी, अब क्राइसिस में और तेज हो रही है.

Live TV

कंपनियों के पास अर्जी

  • मुख्य रूप से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) यूजर्स (होटल, रेस्टोरेंट, फैक्टरियां)
  • जिन इलाकों में पहले से पाइपलाइन मौजूद वहां से भी नए कनेक्शन मांग
  • दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, गुजरात आदि शहरों में रिक्वेस्ट बढ़ी.

LPG बुकिंग घटकर 77 लाख हुईं

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने बताया कि देश में घरेलू LPG रिफिल बुकिंग में गिरावट आई है और यह अब लगभग 77 लाख पर पहुंच गई है, जबकि 13 मार्च को यह 88.8 लाख थी. सरकार ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है.

सरकार ने पश्चिम एशिया की स्थिति के प्रभाव पर जारी डेली अपडेट में बताया कि ऑनलाइन LPG बुकिंग का हिस्सा बढ़कर लगभग 87% हो गया है, जो पहले 84% था. इसका श्रेय तेल विपणन कंपनियों द्वारा डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने और लोगों को एलपीजी डीलरशिप पर लंबी कतारों में खड़ा होकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने से रोकने वाले अभियान को दिया गया है.

सरकार ने बताया कि देश की सभी घरेलू रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडारण बनाए हुए हैं. सरकार ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देना और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना जारी रहेगा, विशेषकर घरों और प्राथमिक क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के लिए.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)