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सरकार एक इकोसिस्टम बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है. (File Photo)
MSMEs: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बड़ी कंपनियों को एमएसएमई (MSMEs) को सहारा देने और उसे सप्लाई चेन के माहौल में ढालने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए. गोयल ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) अपेक्षाकृत बड़ी इकाई के आसपास उभरते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे Apple का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा तो इसकी सप्लाई चेन सप्लायर्स के तौर पर हजारों एमएसएमई इकाइयां पनपने लगीं. उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों को उनसे संबद्ध एमएसएमई को संभालने के लिए संवेदनशील बनना चाहिए.
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित B20 इंडिया शुरुआती बैठक के चौथे पूर्ण अधिवेशन में उन्होंने कहा, हमें भी छोटी कंपनियों का संचालन आसान करने, गैर-जरूरी कागजी कार्यवाही को खत्म करने के लिए प्रयास करना होगा.
उन्होंने कहा कि सिंगापुर व्यापार केंद्र के रूप में एक बड़ी भूमिका निभाता रहा है. उन्होंने सलाह दी कि सिंगापुर द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का पता लगाने के लिए अध्ययन किया जा सकता है और एमएसएमई (MSMEs) का सहयोग करने के लिए इसके आधार पर फ्रेमवर्क तैयार की जा सकती है.
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उन्होंने कहा कि ग्लोबल वैल्यू चेन में एक विश्वसनीय और भागीदार बनने के लिए सरकार एक इकोसिस्टम बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है जो आसान, तेज है और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान भारत की सफलता की कहानी में सबसे महत्वपूर्ण कारक के रूप में हमारे देश को गुणवत्ता को स्वीकार करने की कोशिश करने पर है.
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गोयल ने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से अधिकतम लाभ उठाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की कुछ बड़ी कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है.