कोल्हापुरी चप्पलों के कारीगरों को मिलेगी वैश्विक पहचान, दिग्गज फैशन कंपनी PRADA ने साइन किया एमओयू

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्राडा के साथ हुए समझौते से भारत की कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. इटली की फैशन कंपनी फरवरी 2026 में कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल लॉन्च करेगी.
कोल्हापुरी चप्पलों के कारीगरों को मिलेगी वैश्विक पहचान, दिग्गज फैशन कंपनी PRADA ने साइन किया एमओयू

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात अब हर साल 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. यह संभावना इसलिए बढ़ी है क्योंकि इटली की मशहूर फैशन कंपनी प्राडा ने भारत की दो सरकारी कंपनियों के साथ मिलकर कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बनाने के लिए एक समझौता (एमओयू) किया है.

गोयल ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हुई जब उन्होंने सुना कि प्राडा और भारत के कोल्हापुरी चप्पल बनाने वाले कारीगर एक साथ काम करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह अकसर सोचते थे कि कोल्हापुरी चप्पलें अपने सुंदर डिजाइन, हाथ से बनने वाली कला, चमकीले रंग और पहनने में आरामदायक होने के बावजूद एक बड़ा वैश्विक ब्रांड क्यों नहीं बन पातीं.

कोल्हापुरी चप्पलों का एक्सपोर्ट बढ़ेगा!

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गोयल ने आगे कहा कि उन्हें खुशी है कि प्राडा ने इस कला को पहचाना और अब दुनिया भर में लोग कोल्हापुरी चप्पलों को एक नए रूप में देख पाएंगे. उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि भारत से कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात 1 अरब डॉलर तक पहुंचे और अब यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी से मिलने के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि यह लक्ष्य इसलिए भी संभव है क्योंकि जो लोग एक बार कोल्हापुरी चप्पल पहन लेते हैं, वह फिर कोई और चप्पल पहनना ही नहीं चाहते.

दो सरकारी कंपनियां शामिल

यह समझौता मुंबई में इटली के कॉन्सुलेट जनरल (वाणिज्य दूतावास) में हुआ. इसमें लिडकॉम और लिडकार नाम की दो सरकारी कंपनियां शामिल हैं. प्राडा की तकनीकी टीम ने कोल्हापुर जाकर वहां के कारीगरों से मिलकर पारंपरिक तरीके से चप्पल बनाने की प्रक्रिया को समझा.

फरवरी 2026 में लॉन्च होंगी ये सैंडल

प्राडा की कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल को फरवरी 2026 में दुनिया के 40 चुनिंदा प्राडा स्टोर्स और उसके ई-कॉमर्श प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जाएगा. इससे पहले, इस साल प्राडा को कारीगरों को श्रेय दिए बिना 1.2 लाख रुपए में कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बेचने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था. इसके बाद कंपनी ने अपने अधिकारियों को भारत भेजा.

गोयल ने कहा कि भारत यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह इटली के साथ तकनीक, रक्षा, कपड़ा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में और मजबूत साझेदारी बनाना चाहता है.

FAQs (खबर से संबंधित सामान्य सवाल-जवाब)

1. प्राडा और भारतीय कंपनियों के बीच किस बात पर समझौता हुआ है?

प्राडा ने भारत की दो सरकारी कंपनियों लिडकॉम और लिडकार के साथ मिलकर कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बनाने के लिए एमओयू साइन किया है.

2. पीयूष गोयल ने कोल्हापुरी चप्पलों के निर्यात को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि प्राडा के साथ साझेदारी से कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात हर साल 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

3. प्राडा की कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल कब लॉन्च होंगी?

फरवरी 2026 में, प्राडा के दुनिया भर के 40 चुनिंदा स्टोर्स और उसके ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर.

4. समझौते में भारतीय कारीगरों की क्या भूमिका रही?

प्राडा की तकनीकी टीम कोल्हापुर जाकर कारीगरों से मिली और पारंपरिक तकनीकों को समझा, जिसके आधार पर नया डिजाइन तैयार किया जाएगा.

5. यह साझेदारी भारत-इटली संबंधों को कैसे प्रभावित करेगी?

पीयूष गोयल के अनुसार, इससे तकनीक, रक्षा, कपड़ा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा तथा FTA पर बातचीत भी आगे बढ़ेगी.

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