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देश में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. इसी मौके पर किसान ट्रस्ट ने रविवार को ‘अपराजिता सम्मान समारोह 2026’ का आयोजन किया. यह कार्यक्रम महिलाओं के साहस, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण पर सार्थक चर्चा के लिए आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में दिल्ली से लेकर मुजफ्फरनगर तक अलग-अलग क्षेत्रों से आई सैकड़ों महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया.
किसान ट्रस्ट की ट्रस्टी और कार्यक्रम की आयोजक चारु चौधरी ने कहा कि “अपराजिता सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन अनगिनत महिलाओं के साहस, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने का प्रयास है, जो रोज़ चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने सपनों और समाज के लिए नए रास्ते बना रही हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि किसान ट्रस्ट का मानना है कि जब महिलाओं को सम्मान, अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो इससे सिर्फ उनका भविष्य ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश का भविष्य मजबूत होता है. इसी सोच के साथ ट्रस्ट महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करता रहेगा.
चारु चौधरी ने यह भी कहा कि असली सशक्तिकरण तब होता है जब महिलाओं को अवसर, पहचान और सम्मान के साथ अपनी जिंदगी को फिर से बनाने का आत्मविश्वास मिलता है. उन्होंने खास तौर पर एसिड अटैक से बचे लोगों के साहस को बेहद प्रेरणादायक बताया.
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किसान ट्रस्ट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं, खासकर एसिड अटैक सर्वाइवर्स को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे उन्हें सम्मान और सहयोग दोनों मिलता है.
उन्होंने भारत सरकार की उन योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनका उद्देश्य महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना है.
किसान ट्रस्ट एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) है, जिसकी स्थापना भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने की थी. यह ट्रस्ट लंबे समय से ग्रामीण और वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहा है, जिसमें किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है. अपने सामाजिक दायित्व के तहत किसान ट्रस्ट एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास में भी मदद करता है. इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन दिया जाता है, ताकि वे अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर सकें.
कार्यक्रम की एक खास झलक ‘रोजगार के जरिए सशक्तिकरण’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही. इस चर्चा में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, रोजगार के अवसर और नीतिगत सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार किया गया.
इस चर्चा में नीति आयोग की प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर अन्ना रॉय, यूएन वूमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव कांता सिंह, बैंकिंग और फिनटेक क्षेत्र की विशेषज्ञ शिंजिनी कुमार और पूर्व दूरदर्शन न्यूज एंकर सलमा सुल्तान ने भाग लिया. इस सत्र का संचालन सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत ने किया.
चर्चा के दौरान अन्ना रॉय ने कहा कि महिलाओं के योगदान को पहचानने और उनका सम्मान करने के लिए एक खास दिन होना बहुत जरूरी है. कांता सिंह ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साहस को सलाम करते हुए कहा कि उनके संघर्ष कई लोगों की चुनौतियों से कहीं ज्यादा कठिन होते हैं.
शिंजिनी कुमार ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत नींव शिक्षा से बनती है. वहीं सलमा सुल्तान ने कहा कि परिवारों की भूमिका बहुत अहम होती है, क्योंकि वहीं से आत्मविश्वासी और सशक्त महिलाओं की शुरुआत होती है.
कार्यक्रम में उद्यमी पूजा शर्मा, जिन्हें ‘मिलेट मॉम’ के नाम से जाना जाता है, के साथ एक विशेष बातचीत भी हुई. उन्होंने मिलेट आधारित पोषण और महिला उद्यमिता के अपने सफर के बारे में बताया. पूजा शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक NGO में सिर्फ 2,500 रुपये की नौकरी से की थी. बाद में उन्होंने अपने पुश्तैनी घर में डेयरी फार्मिंग शुरू की और धीरे-धीरे अपना कारोबार आगे बढ़ाया.