Kisan andolan: फिर आंदोलन तेज करेंगे किसान, घर से निकलने से पहले पता कर लें डिटेल

Kisan andolan in West Bengal: दिल्ली के बाद अब किसान पश्चिम बंगाल में आंदोलन तेज करने की तैयारी कर रहे हैं. किसान मोर्चा ने 12 मार्च से 3 दिन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है, जिसमें बैठक से लेकर महापंचायत शामिल हैं. 
Kisan andolan: फिर आंदोलन तेज करेंगे किसान, घर से निकलने से पहले पता कर लें डिटेल

संयुक्त किसान मोर्चा पश्चिम बंगाल में महापंचायत करेगा. (फाइल फोटो)

Kisan andolan in West Bengal: दिल्ली के बाद अब किसान पश्चिम बंगाल में आंदोलन तेज करने की तैयारी कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने वहां के रण में उतरने का ऐलान किया है. किसान मोर्चा ने 12 मार्च से 3 दिन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है, जिसमें बैठक से लेकर महापंचायत शामिल हैं.

आज से विरोध प्रदर्शन (Protests will be held from today)
संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन कोलकाता से शुरू हो रहा है. आज (शुक्रवार) दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक मौला अली इलाके के रामलीला पार्क में मीटिंग बुलाई गई है. वहीं इसके बाद शाम 6.30 बजे से 8 बजे बुद्धीजीवीयों (Intellectual Citizens) की मीटिंग होगी. भवानीपुर के खालसा इंग्लिश हाई स्कूल में यह मीटिंग होगी.

नंदीग्राम में महापंचायत (Mahapanchayat in Nandigram)
शनिवार को किसान नंदीग्राम में महापंचायत करेंगे. सुबह 11 बजे यह महापंचायत बुलाई गई है. जैसा कि आप जानते हैं नंदीग्राम लगातार सुर्खियों में है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चोट लगने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुए. वहीं विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और बीजेपी के नेता शुभेन्दु अधिकारी आमने-सामने हैं.

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कोलकाता में होगा विरोध (There will be protest in Kolkata)
शनिवार को ही कोलकाता के रानी रश्मोनी एवेन्यू में विशाल महापंचायत बुलाई गई है. शाम 5 बजे किसान यहां महापंचायत करेंगे. जाहिर है इस ऐलान के बाद सरगर्मी और तेज हो गई है.

सिंगुर में भी महापंचायत (Mahapanchayat in Singur also)
रविवार यानी 14 मार्च को किसानों ने सिंगुर में महापंचायत का ऐलान किया है. सिंगुर भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहा है. सिंगुर की जमीन को किसानों को लौटाने के लिए खुद ममता बनर्जी ने 25 दिनों तक अनशन किया था. उनके आंदोलन की वजह से ही न तो सिंगुर में टाटा नैनो की फैक्ट्री बन सकी न ही नंदीग्राम में केमिकल हब स्थापित हो सका. साल 2011 में जब ममता बनर्जी ने सीएम पद की शपथ ली तो पहली कैबिनेट में ही सिंगुर के किसानों को जमीन लौटाने की घोषणा की थी.

आसनसोल में भी भरेंगे हुंकार (Protest will also be seen in Asansol)
किसानों ने आसनसोल में भी बिगुल फूंकने का ऐलान किया है. खास बात ये है कि आसनसोल और दुर्गापुर में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी रहते हैं. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो यहां से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं. इस विरोध का असर पड़ोसी राज्य झारखंड में भी हो सकता है.

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