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IPL 2025: वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ऑनलाइन मनी गेमिंग उद्योग में घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार के ऑपरेटर शामिल हैं. जीएसटी कानून के तहत ‘ऑनलाइन मनी गेमिंग’ को ‘गुड्स’ (संपत्ति) की श्रेणी में रखा गया है और इस पर 28% कर लगाया जाता है. इस क्षेत्र में काम करने वाली सभी कंपनियों को जीएसटी के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है.
DGGI की जांच में पाया गया कि लगभग 700 विदेशी ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी कंपनियां कर चोरी कर रही हैं. ये कंपनियां जीएसटी में पंजीकरण नहीं करा रही हैं, अपनी कर योग्य आय छुपा रही हैं और कर भुगतान से बचने के लिए नए तरीके अपना रही हैं. अब तक, DGGI ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से 357 अवैध वेबसाइट्स और यूआरएल को ब्लॉक कर दिया है, जो आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 69 के तहत गैर-कानूनी पाए गए.
हाल ही में, DGGI ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 2,000 बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया और ₹4 करोड़ की संपत्ति जब्त की. इसके अलावा, कुछ वेबसाइट्स से जुड़े 392 बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है और इनमें रखी गई कुल ₹122.05 करोड़ की राशि को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है. यह कार्रवाई I4C और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर की गई.
DGGI ने यह भी पाया कि कुछ भारतीय नागरिक विदेशी स्थानों से ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चला रहे थे. इनमें सतगुरु ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म, महाकाल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म और Abhi247 ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इन प्लेटफार्मों पर भारतीय ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करने के लिए ‘म्यूल’ बैंक खाते (जिनका उपयोग सिर्फ लेनदेन के लिए किया जाता है) का उपयोग किया जा रहा था. अब तक DGGI ने 166 ऐसे म्यूल बैंक खातों को ब्लॉक किया है और तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में आगे की जांच जारी है.
DGGI की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी कंपनियों द्वारा नियमों का पालन न करना न केवल निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बाधित करता है, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी नुकसान पहुंचाता है. ये कंपनियां बार-बार नई वेबसाइट बनाकर प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करती हैं और अवैध वित्तीय लेनदेन को अंजाम देती हैं. इन मनी गेमिंग प्लेटफार्मों का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि अवैध रूप से अर्जित धन का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है.
यह भी देखा गया है कि कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी, क्रिकेटर, यूट्यूब और इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों का प्रचार कर रहे हैं. जनता को सलाह दी जाती है कि वे इन प्लेटफार्मों के जाल में न फंसें, क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति को जोखिम में डाल सकता है और साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है.