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प्रधानमंत्री की 'आर्थिक देशभक्ति' और बचत की अपील के बीच देश में महंगाई का बड़ा झटका लगा है. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में आम आदमी पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है. एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नागरिकों से 7 खास अपील की हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार में रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश के विकल्पों तक 7 प्रमुख चीजों के दाम आसमान छूने लगे हैं.
इस लिस्ट में दूध, सोना-चांदी और ईंधन जैसी बुनियादी चीजों में हुई यह बढ़ोतरी मिडिल क्लास परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ रही हैं. बाजार में आई इस महंगाई ने रसोई से लेकर सफर तक सब कुछ महंगा कर दिया है. आइए विस्तार से समझते हैं कि कहां-कहां जेब ढीली करनी होगी.
देश की दो सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतों में इजाफा किया है.
मदर डेयरी: भैंस का दूध अब ₹75 के बजाय ₹80 प्रति लीटर मिलेगा. अन्य वैरिएंट्स जैसे फुल क्रीम और टोंड मिल्क में भी ₹2 से ₹3 की बढ़ोतरी हुई है.

अमूल: 14 मई 2026 से अमूल ने भी ₹2 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है. अमूल गोल्ड अब ₹35 (500 ml) और ताज़ा ₹57 (1 लीटर) में मिलेगा.

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महज एक हफ्ते में सोना ₹10,000 महंगा होकर ₹1,62,186 के स्तर पर पहुंच गया है.

चांदी में तो 'बंपर' उछाल आया है, जो हफ्ते भर में ₹47,000 की बढ़त के साथ ₹3,00,238 प्रति किलो पर पहुंच गई है.

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई में सीएनजी के दाम ₹2 प्रति किलो बढ़ा दिए हैं, जिससे नई कीमत ₹84 प्रति किलो हो गई है. इसका सीधा असर ऑटो और टैक्सी के किराए पर पड़ने की आशंका है. ये नई दरें 14 मई 2026 से लागू हो गई हैं.
अगर अप्रैल महीने की रिटेल महंगाई के आंकड़ों को देखें तो सब्जी का भाव भी बढ़ गया है. खाने की थाली में गोभी और टमाटर के दाम क्रमशः 25.58% और 35.28% चढ़ गए हैं.
साबुन, शैम्पू जैसे पर्सनल केयर उत्पादों में भी अप्रैल में 17.66% की रिटेल महंगाई दर्ज की गई है.
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थोक महंगाई के आंकड़ों में सबसे ज्यादा डराने वाला आंकड़ा 'फ्यूल एंड पावर' कैटेगरी से आया है, जहां महंगाई दर 1.05% से बढ़कर सीधे 24.71% पर पहुंच गई है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है.
| चीज | महंगाई दर (YoY) |
| Crude Petroleum | 88.06% |
| Crude Petroleum & Natural Gas | 67.18% |
| Petrol | 32.40% |
| HSD (डीजल) | 25.19% |
| Fuel & Power Group | 24.71% |
| LPG | 10.92% |
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प्रधानमंत्री की अपीलों का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन बाजार की मौजूदा स्थितियां आम आदमी के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं. बढ़ती लागत और वैश्विक तनाव के बीच अब बचत और निवेश के स्मार्ट तरीके अपनाना ही एकमात्र रास्ता बचा है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 'रिटेल इन्फ्लेशन' (Retail Inflation) क्या है और यह हमें कैसे प्रभावित करती है?
यह वह दर है जिस पर हम रोजमर्रा का सामान खरीदते हैं, इसके बढ़ने से आपकी सैलरी की खरीदारी करने की क्षमता (Purchasing Power) कम हो जाती है.
Q2 महंगाई के समय 'कैश' (Cash) बचाना चाहिए या उसे निवेश करना चाहिए?
सिर्फ नकद पैसा रखने से उसकी वैल्यू समय के साथ घटती है, इसलिए इसे सोने या अन्य संपत्तियों में निवेश करना बेहतर होता है ताकि उसकी कीमत बढ़ती रहे.
Q3 'कंपाउंडिंग' (Compounding) का जादू निवेश में कैसे काम करता है?
यह आपके निवेश पर मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलने की प्रक्रिया है, जो लंबे समय में आपके छोटे से निवेश को बहुत बड़ा फंड बना देती है.
Q4 क्या बैंक एफडी (FD) हमेशा महंगाई को मात दे पाती है?
जरूरी नहीं है; यदि महंगाई दर आपकी एफडी की ब्याज दर से अधिक है, तो असल में आपके पैसे की वैल्यू कम हो रही है.
Q5 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) क्या होता है और यह कितना होना चाहिए?
यह अचानक आई मुसीबत के लिए रखा गया पैसा है, जो कम से कम आपके 6 महीने के खर्च के बराबर होना चाहिए.