&format=webp&quality=medium)
ट्रेड डील में भारत अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ा रुख अपना रहा है. (रिप्रेजेंटेटिव इमेज/AI/ChatGPT)
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को आखिरी रूप देने के लिए राजधानी दिल्ली में भारत और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच हाई लेवल मीटिंग हुई. इस बातचीत में भारत अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ा रुख अपना रहा है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत इस बातचीत में साफ कर चुका है कि वह कोई भी ऐसा समझौता करने के पक्ष में नहीं है, जिसमें उसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिकी बाजार में खास पहुंच न मिले. गौरतलब है कि यह बैठक 1 जून से 4 जून तक नई दिल्ली में चल रही है. इसमें अमेरिकी दल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की तरफ से अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कमान संभाल रहे हैं.
ट्रेड डील से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ चल रही बातचीत में भारत की सबसे प्रमुख मांगों में अमेरिका की सेक्शन 301 जांचों से जुड़े टैरिफ से राहत पाना शामिल है.
सेक्शन 301 जांंच के नतीजों पर होगा अंतिम फैसला
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, इस दौर की बातचीत का उद्देश्य अंतरिम समझौते की डीटेल्स को अंतिम रूप देना है. इसके अलावा बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ उपायों, एक्साइज ड्यूटी और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन पर व्यापक BTA के तहत बातचीत को आगे बढ़ाना है.
अंतरिम समझौते के ढांचे पर हुए थे सहमत
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा है कि इस समझौते का ढांचा मूल रूप से पूरा हो चुका है. दोनों देशों के नेताओं ने 3 फरवरी को फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा की थी. गोयल ने कहा कि केवल तकनीकी मुद्दे बचे हैं- जैसे अमेरिका में आए कानूनी बदलावों को आखिरी समझौते में कैसे दर्शाया जाए. वहीं, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि 99 फीसदी चीजें तय हो चुकी हैं. हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों और महीनों में ट्रेड एग्रीमेंट साइन हो जाएंगे.