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दुनिया के नक्शे पर पश्चिम एशिया (West Asia) में मची हलचल का सीधा असर हमारे रसोई घर और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारत सरकार ने '24×7 एक्टिव मोड' में रहकर मोर्चा संभाल लिया है. 15 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने न केवल कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित की है, बल्कि समुद्र में फंसे हमारे नाविकों और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए 'अभेद्य कवच' तैयार किया है. आइए, इस पूरी स्थिति को अलग-अलग एंगल से समझते हैं कि सरकार आपके लिए क्या कदम उठा रही है.
भारत सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि देश में ईंधन की कमी न हो. इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कई कड़े और जरूरी कदम उठाए हैं:
PNG ग्राहकों के लिए नया नियम: सरकार ने 'LPG कंट्रोल ऑर्डर' में संशोधन किया है. अब जिन घरों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सप्लाई है, उन्हें अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी होगा. इसका मकसद उन एलपीजी सिलेंडरों को बचाना है, ताकि उन्हें उन जगहों पर भेजा जा सके जहां गैस की भारी किल्लत है.
पेट्रोल-डीजल की स्थिति: राहत की बात यह है कि हमारे देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. सरकार ने साफ किया है कि भारत के पास पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में है और हमें इनके आयात की जरूरत नहीं है.
पैनिक बुकिंग में गिरावट: 13 मार्च को जहां 88.8 लाख बुकिंग हुई थीं, वहीं कल यह घटकर 77 लाख रह गई. सरकार की अपील का असर दिख रहा है और लोग अब घबराहट में एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक नहीं कर रहे हैं.
डिजिटल बुकिंग पर जोर: ऑनलाइन बुकिंग 84% से बढ़कर 87% हो गई है. लोगों को व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
संकट के समय कुछ लोग मुनाफाखोरी की कोशिश करते हैं, जिनसे निपटने के लिए सरकार सख्त है:
22 राज्यों में कंट्रोल रूम: उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत 22 राज्यों ने 24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं.
छापेमारी: आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं.
रविवार को भी खुलेगी गैस एजेंसी: वितरण सुचारू रखने के लिए तेल कंपनियों ने रविवार को भी एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटरशिप खुली रखने का फैसला किया है.
समुद्र में युद्ध का खतरा सबसे ज्यादा है, लेकिन भारतीय नौसेना और जहाजरानी मंत्रालय की मुस्तैदी काम आ रही है:
फुजैरा की घटना: 14 मार्च को जब भारतीय जहाज 'जग लाड़की' (Jag Laadki) फुजैरा टर्मिनल पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, तब वहां हमला हुआ. लेकिन राहत की खबर यह है कि यह जहाज 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित भारत के लिए रवाना हो चुका है.
अन्य जहाजों की स्थिति: दो और भारतीय जहाज- शिवालिक और नंदा देवी- जो लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं, वे भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं. वे 16-17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच जाएंगे.
नाविकों की सुरक्षा: वर्तमान में 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक खाड़ी क्षेत्र में हैं, जिन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. अब तक 276 नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है.
विदेश मंत्रालय (MEA) उन लाखों भारतीयों के लिए ढाल बनकर खड़ा है जो खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं:
1.94 लाख की वापसी: 28 फरवरी से अब तक लगभग 1 लाख 94 हजार यात्री भारत लौट चुके हैं.
हेल्पलाइन: भारतीय मिशनों ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. यूएई, सऊदी अरब और ओमान से विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं.
ट्रांजिट सुविधा: बहरीन, कुवैत और इराक जैसे देशों में जहां हवाई क्षेत्र बंद है, वहां के भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते लाने की व्यवस्था की जा रही है.
दुखद खबर: इस संघर्ष में अब तक 5 भारतीयों की जान जा चुकी है और एक अभी भी लापता है. सरकार उनके पार्थिव शरीरों को वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है.
सरकार केवल एलपीजी पर निर्भर नहीं रहना चाहती, इसलिए बैकअप प्लान तैयार है:
केरोसिन और कोयला: होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर को सलाह दी गई है कि वे एलपीजी के बजाय कोयला या केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करें.
इंडस्ट्रियल गैस: घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गैस सप्लाई को 80% तक रेगुलेट (सीमित) किया गया है, जबकि घरेलू PNG/CNG को 100% सप्लाई मिल रही है.
भारत सरकार ने 'होल ऑफ गवर्नमेंट' अप्रोच (Whole of Government Approach) अपनाई है, जहां पेट्रोलियम, जहाजरानी और विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं. 'जग लाड़की' जैसे जहाजों का सुरक्षित निकलना और लाखों भारतीयों की वापसी यह दर्शाती है कि भारत का संकट प्रबंधन तंत्र बहुत मजबूत है. नागरिकों के लिए संदेश साफ है- सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है, आप बस अफवाहों से बचें और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें.
1- क्या मुझे अपना गैस कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा?
केवल उन ग्राहकों को, जिनके घर में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन कनेक्शन लगा हुआ है और वह चालू है.
2- क्या पेट्रोल-डीजल की राशनिंग होने वाली है?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक पर्याप्त है और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है.
3- विदेश में फंसे रिश्तेदारों के लिए मदद कैसे लें?
विदेश मंत्रालय के 24×7 कंट्रोल रूम या संबंधित देश के भारतीय दूतावास (Embassy) की हेल्पलाइन पर संपर्क करें.
4- पैनिक बुकिंग न करने का क्या फायदा है?
इससे सप्लाई चैन पर दबाव कम होता है और उन लोगों तक गैस पहुंच पाती है जिन्हें इसकी तुरंत जरूरत है.
5- क्या रविवार को गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी?
हां, सरकार ने गैस एजेंसियों को रविवार को भी काम जारी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बैकलॉग खत्म हो सके.
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