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साल 2026 की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया (West Asia) के क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित किया है. खास तौर से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) जैसे अहम व्यापारिक मार्गों के आसपास की स्थिति ने भारत जैसे देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा की चुनौती खड़ी कर दी है.
भारत सरकार ने समय रहते सक्रिय कदम उठाते हुए न केवल घरेलू स्तर पर ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की है, बल्कि विदेश में फंसे अपने नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा के लिए भी अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. आइए जानते हैं ऊर्जा, समुद्री व्यापार और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सरकार की तरफ से किए गए बड़े सुधारों और अपडेट्स के बारे में.
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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने साफ किया है कि युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. इसके लिए सरकार ने आपूर्ति (Supply) और मांग (Demand) दोनों पक्षों पर कड़े फैसले लिए हैं.
सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने और सही ग्राहक तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए तकनीकी सुधारों को तेज कर दिया है:
DAC आधारित डिलीवरी: डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी, जो फरवरी 2026 में 53% थी, अब बढ़कर 90% हो गई है. इससे सिलेंडर की चोरी और डायवर्जन (Diversion) पर लगाम लगी है.
डिजिटल बुकिंग: नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल डिजिटल मोड से ही बुकिंग करें और बिना जरूरत वितरकों (Distributors) के पास न जाएं. कल के आंकड़ों के अनुसार, 95% बुकिंग ऑनलाइन की गई हैं.
बुकिंग अंतराल में बदलाव: शहरी क्षेत्रों में बुकिंग का अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक कर दिया गया है, ताकि स्टॉक का प्रबंधन बेहतर हो सके.
जो लोग छोटे सिलेंडर का उपयोग करते हैं या जिनके पास पते का प्रमाण (Address Proof) नहीं है, उनके लिए सरकार ने नियमों को बेहद आसान बना दिया है:
बिना एड्रेस प्रूफ के खरीद: अब कोई भी व्यक्ति केवल एक वैध आईडी प्रूफ दिखाकर पास के वितरक से 5 किलो का FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर खरीद सकता है.
बिक्री का आंकड़ा: कल एक ही दिन में 90,000 से अधिक ऐसे सिलेंडर बेचे गए, जो इसकी बढ़ती मांग और उपलब्धता को दर्शाता है.
एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार को 'युद्ध स्तर' पर शुरू किया है.
पंजीकरण और गैस कनेक्शन: मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 3.9 लाख नए पंजीकरण हुए हैं.
नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0: इस अभियान को अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है.
प्राथमिकता वाले क्षेत्र: स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टलों और सामुदायिक रसोई को 5 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया है.
रक्षा और सड़क मंत्रालय का सहयोग: रक्षा मंत्रालय ने सैन्य क्षेत्रों में पीएनजी बुनियादी ढांचे के लिए नियमों में ढील दी है, वहीं सड़क परिवहन मंत्रालय ने पाइपलाइन बिछाने के लिए 'त्वरित स्वीकृति ढांचा' (Accelerated Approval Framework) लागू किया है.
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय लगातार खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की निगरानी कर रहा है.
सुरक्षित नाविक: पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. वर्तमान में 17 भारतीय जहाजों पर 460 नाविक खाड़ी क्षेत्र में हैं, जो सुरक्षित हैं.
मदद के लिए कंट्रोल रूम: डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24x7 काम कर रहा है, जिसने अब तक 10,000 से अधिक ईमेल और 5,000 से अधिक कॉल अटेंड किए हैं.
बंदरगाहों की स्थिति: भारत के सभी प्रमुख बंदरगाह (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा आदि) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी भीड़भाड़ (Congestion) की समस्या नहीं है.
विदेश मंत्रालय (MEA) खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय है.
उड़ान सेवाओं में सुधार: 28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं.
ईरान से वापसी: हाल ही में ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित चेन्नई लाया गया है.
मार्गों का प्रबंधन: चूंकि कुवैत और बहरीन जैसे देशों का हवाई क्षेत्र बंद है, इसलिए यात्रियों को सऊदी अरब (दम्माम) या जॉर्डन के रास्ते लाया जा रहा है.
दूतावासों की भूमिका: सभी भारतीय मिशन हेल्पलाइन नंबरों के जरिए छात्रों, श्रमिकों और चालक दल के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में हैं.
सरकार ने जनता से अपील की है कि वह घबराएं नहीं और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) न करें: पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है.
अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें.
ऊर्जा संरक्षण: वर्तमान स्थिति को देखते हुए बिजली और ईंधन का संयमित उपयोग करें.
विकल्प अपनाएं: जहां संभव हो, इंडक्शन कुकटॉप या बिजली के चूल्हों का उपयोग करें.
पश्चिम एशिया का संकट चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन भारत सरकार की बहुआयामी रणनीति (Multi-pronged Strategy) ने देश को सुरक्षित रखा है. ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, सीमाओं के पार अपने नागरिकों की सुरक्षा की चिंता और घरेलू बाजार में कीमतों का संतुलन यह दर्शाता है कि भारत किसी भी वैश्विक अस्थिरता से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
1- क्या पीपीएफ (PPF) की तरह एलपीजी पर भी कोई लोन मिल सकता है?
नहीं, एलपीजी एक उपभोग्य वस्तु है, इस पर कोई लोन सुविधा नहीं है. हालांकि, सरकार गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी और सहायता देती है.
2- बिना एड्रेस प्रूफ के 5 किलो वाला सिलेंडर कैसे मिलेगा?
आप अपनी किसी भी फोटो आईडी (जैसे आधार या वोटर कार्ड) के साथ नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर इसे तुरंत खरीद सकते हैं.
3- क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं?
फिलहाल सरकार ने उत्पाद शुल्क में 10 रुपये की कटौती की है और कीमतें स्थिर रखने का प्रयास किया जा रहा है.
4- खाड़ी देशों में फंसे लोग मदद के लिए कहां संपर्क करें?
वे संबंधित देश में भारतीय दूतावास (Embassy) की 24x7 हेल्पलाइन या विदेश मंत्रालय के दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं.
5- पीएनजी (PNG) के लिए पंजीकरण कैसे करें?
आप अपने क्षेत्र की गैस कंपनी (जैसे IGL, MGL, GAIL) की वेबसाइट या ऐप पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं. वर्तमान में कई कंपनियां इस पर विशेष छूट भी दे रही हैं.
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