केंद्र सरकार के IndiaAI ने चुने 5 प्रोजेक्ट्स, भारत में सेफ और ट्रस्टेड AI को बढ़ावा देना है मकसद

भारत में AI की सुरक्षा और भरोसेमंद उपयोग को बढ़ावा देने के लिए IndiaAI ने 5 प्रोजेक्ट्स का चयन किया. इन प्रोजेक्ट्स में डिपफेक डिटेक्शन, ऑडियो-वीज़ुअल फोरेंसिक, AI मॉडल में बायस जांच और जनरेटिव AI के लिए मजबूत इवैल्यूएशन टूल शामिल हैं.
केंद्र सरकार के IndiaAI ने चुने 5 प्रोजेक्ट्स, भारत में सेफ और ट्रस्टेड AI को बढ़ावा देना है मकसद

भारत सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि IndiaAI के Safe and Trusted AI प्रोग्राम के तहत पांच प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया है. यह प्रोग्राम भारत में AI के सुरक्षित और भरोसेमंद उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.

चयनित प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य वास्तविक समय में डिपफेक डिटेक्शन, फोरेंसिक विश्लेषण को मजबूत करना, AI मॉडल में बायस को दूर करना और जनरेटिव AI के लिए मजबूत इवैल्यूएशन टूल बनाना है. इन पहलुओं से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम भरोसेमंद, सुरक्षित और समावेशी हों.

चयन प्रक्रिया और प्रस्ताव

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IndiaAI, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत एक व्यवसायिक विभाग है, ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स का चयन 400 से अधिक प्रस्तावों में से किया गया. ये प्रस्ताव शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स द्वारा भेजे गए थे.

चयन की प्रक्रिया में एक मल्टी-स्टेकहोल्डर तकनीकी समिति ने सभी प्रस्तावों की समीक्षा की. इसके बाद पांच प्रोजेक्ट्स को सरकारी समर्थन के लिए चुना गया. यह चयन यह सुनिश्चित करता है कि “Safe and Trusted AI” का सिद्धांत व्यावहारिक रूप में लागू हो, जिसमें रिसिलिएंस टेस्टिंग और बायस ऑडिट शामिल हैं.

चयनित प्रोजेक्ट्स का फोकस

चयनित प्रोजेक्ट्स विभिन्न क्षेत्रों में काम करेंगे. इनमें वास्तविक समय में वॉइस डिपफेक डिटेक्शन, ऑडियो-वीज़ुअल और सिग्नेचर फॉरजरी का विश्लेषण, एग्रीकल्चर से जुड़े बड़े AI मॉडल में जेंडर बायस का मूल्यांकन और जनरेटिव AI के लिए पेनिट्रेशन-टेस्टिंग टूल्स विकसित करना शामिल है.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर और IIT मद्रास मिलकर एक मल्टी-एजेंट रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन फ्रेमवर्क विकसित करेंगे, जो डिपफेक डिटेक्शन और AI गवर्नेंस में मदद करेगा. वहीं, IIT मंडी और हिमाचल प्रदेश के फोरेंसिक सर्विसेज डायरेक्टोरेट मिलकर AI विश्लेषक (AI Vishleshak) विकसित करेंगे, जो ऑडियो-वीज़ुअल डिपफेक और सिग्नेचर फॉरजरी की पहचान को मजबूत बनाएगा.

IndiaAI मिशन और उद्देश्य

IndiaAI, MeitY का एक विभाग है, और यह IndiaAI मिशन के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करता है. मिशन का मुख्य उद्देश्य AI के लाभों को लोकतांत्रित करना, भारत में AI क्षेत्र में नेतृत्व को बढ़ावा देना, तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नैतिक तथा जिम्मेदार AI उपयोग को सुनिश्चित करना है.

चयनित प्रोजेक्ट्स इस मिशन के तहत AI के सुरक्षित और जिम्मेदार विकास में योगदान देंगे. यह भारत में AI टेक्नोलॉजी को न केवल प्रभावी बनाने में मदद करेगा बल्कि AI मॉडल में संभावित बायस और धोखाधड़ी से बचाने के लिए भी जरूरी उपकरण प्रदान करेगा.

IndiaAI द्वारा चुने गए ये पांच प्रोजेक्ट्स भारत में AI के सुरक्षित और भरोसेमंद उपयोग को मजबूत करेंगे. डिपफेक डिटेक्शन, फोरेंसिक विश्लेषण, बायस मूल्यांकन और जनरेटिव AI टूल्स विकसित करने से यह सुनिश्चित होगा कि AI सिस्टम सुरक्षित, विश्वसनीय और सभी के लिए समान रूप से उपयोगी हों.

इस पहल से भारत में AI क्षेत्र में नेतृत्व बढ़ेगा और डिजिटल टेक्नोलॉजी के नैतिक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. यह कदम भारत को AI अनुसंधान और अनुप्रयोग में वैश्विक मानकों के करीब लाने में मदद करेगा.

खबर से जुड़े FAQs

Q1. IndiaAI ने कितने प्रोजेक्ट्स का चयन किया है?

पांच प्रोजेक्ट्स.

Q2. चयनित प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Safe and Trusted AI सुनिश्चित करना और AI सिस्टम को भरोसेमंद, सुरक्षित और समावेशी बनाना.

Q3. IIT जोधपुर और IIT मद्रास किस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे?

डिपफेक डिटेक्शन और AI गवर्नेंस के लिए मल्टी-एजेंट रिट्रीवल-ऑगमेंटेड फ्रेमवर्क विकसित करना.

Q4. AI Vishleshak प्रोजेक्ट किसके सहयोग से बनाया जाएगा?

IIT मंडी और हिमाचल प्रदेश के फोरेंसिक सर्विसेज डायरेक्टोरेट के सहयोग से.

Q5. IndiaAI मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

AI के लाभों को लोकतांत्रित करना, नैतिक और जिम्मेदार AI उपयोग को बढ़ावा देना और भारत में तकनीकी नेतृत्व स्थापित करना.

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