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India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत प्रस्तावित समझौते पर लगातार अमेरिका के संपर्क में है और सरकार देश व जनता के हितों की रक्षा करेगी क्योंकि जल्दबाजी में कोई भी कदम उठाना कभी भी उचित नहीं होता है. उन्होंने कहा कि देश की सभी व्यापार वार्ताएं ‘भारत प्रथम’ की भावना के साथ अच्छी तरह आगे बढ़ रही हैं और ‘विकसित भारत 2047’ का मार्ग सुनिश्चित कर रही हैं. उन्होंने ये भी कहा कि भारत कभी बंदूक की नोक पर समझौता नहीं करता है.
गोयल ने भारत और अमेरिका के बीटीए की प्रगति के बारे में पूछने पर संवाददाताओं से कहा, “हमने पहले भी कई बार कहा है कि हम बंदूक रखके कभी बातचीत नहीं करते हैं. समय की पाबंदियां अच्छी रहती हैं क्योंकि वो प्रोत्साहित करती हैं कि बात तेजी से हो, लेकिन जब तक देश और जन हित को हम सुरक्षित ना रख सकें, तब तक कभी भी जल्दबाजी करना अच्छा नहीं है.”
भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को 90 दिन में अंतिम रूप दिया जा सकता है. हालांकि दोनों देशों के लिए इसके फायदेमंद होने पर ही समझौता होगा. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह कहा. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत पर लगाए 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क को 90 दिनों के लिए टालने का फैसला किया है.
अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने समझौते के लिए बातचीत शुरू करने के लिए पहले ही नियम एवं शर्तों को अंतिम रूप दे दिया है.
उन्होंने कहा, “समझौते के शुरुआती बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए बहुत संभावनाएं हैं. द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के स्वरूप और आकार को अंतिम रूप देने के लिए काफी संभावनाएं हैं.”
अधिकारी ने कहा कि 90 दिन में सब कुछ संभव है अगर यह दोनों पक्षों के लिए ‘फायदेमंद’ है. भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. दोनों पक्षों ने इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर तक समझौते के पहले चरण को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है. दोनों का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर करने का है.
अधिकारी ने कहा, “इस पर काम शुरू हो गया है. भारत एक व्यापार समझौते पर बातचीत करने में अन्य देशों से बहुत आगे है.” उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका से लगातार संपर्क में है. इस दौरान बहुत सारी बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होंगी जबकि कुछ यात्राएं भी हो सकती हैं.
अमेरिका ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं के आयात पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की. लेकिन नौ अप्रैल को ट्रंप प्रशासन ने इस साल नौ जुलाई तक यानी 90 दिनों के लिए इनके निलंबन का फैसला किया. हालांकि भारत पर 10 प्रतिशत मूल शुल्क जारी रहेगा.