वैश्विक संकट के बीच भारत सरकार का 'कवच', LPG से लेकर पेट्रोल तक.. जानिए अब तक उठाए गए हैं क्या कदम

घरेलू और कमर्शियल एलपीजी (LPG) की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नए आवंटन आदेश जारी किए गए हैं. साथ ही, पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये की कटौती की गई है. खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों और नाविकों के लिए 24x7 कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं.
वैश्विक संकट के बीच भारत सरकार का 'कवच', LPG से लेकर पेट्रोल तक.. जानिए अब तक उठाए गए हैं क्या कदम

ग्लोबल संकट के बीच भी भारत सरकार तमाम जरूरी कदम उठा रही है, ताकि लोगों को दिक्कत ना हो.

साल 2026 की शुरुआत वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल भरी रही है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को प्रभावित किया है, बल्कि कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई चेन (Supply Chain) को भी हिलाकर रख दिया है. भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, इस संकट से अछूता नहीं है.

हालांकि, भारत सरकार ने इस बार 'प्रोएक्टिव' (Proactive) रुख अपनाते हुए न केवल घरेलू मोर्चे पर ईंधन की किल्लत को रोका है, बल्कि विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए भी सुरक्षा घेरा तैयार किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय तक, सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं.

घरेलू एलपीजी और ईंधन आपूर्ति: जमीन पर क्या है स्थिति?

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भले ही वैश्विक स्तर पर एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन भारत के अंदर अब तक किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर 'ड्राई-आउट' (स्टॉक खत्म होना) की स्थिति नहीं आने दी गई है.

डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता

सरकार ने आपूर्ति को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल टूल्स का सहारा लिया है:

ऑनलाइन बुकिंग: उद्योग के स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कल यानी 2 अप्रैल को 94% तक पहुंच गई है.

DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड): ब्लैक मार्केटिंग और डायवर्जन को रोकने के लिए DAC आधारित डिलीवरी को फरवरी 2026 के 53% से बढ़ाकर 86% कर दिया गया है.

डेली डिस्ट्रीब्यूशन: अकेले कल के दिन देश भर में लगभग 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए.

प्रवर्तन और निगरानी

कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने छापेमारी तेज कर दी है:

  • अब तक 4000 से अधिक छापेमारी की जा चुकी हैं.
  • कल ही 1300 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए.
  • नियमों का उल्लंघन करने वाली 670 से अधिक एलपीजी एजेंसियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है.

कमर्शियल एलपीजी और औद्योगिक राहत

व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की है:

70% आवंटन: कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के 70% तक बढ़ा दिया गया है. इसमें 10% अतिरिक्त कोटा उन राज्यों को दिया जा रहा है जो पीएनजी (PNG) विस्तार में सुधार कर रहे हैं.

प्राथमिकता वाले क्षेत्र: होटल, रेस्तरां, ढाबा, डेयरी इकाइयां और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडरों को प्राथमिकता दी जा रही है.

औद्योगिक सहायता: स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे उद्योगों को अतिरिक्त कोटा दिया गया है, जहां हीटिंग के लिए एलपीजी का कोई विकल्प नहीं है.

FTL सिलेंडरों की धूम: 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 5 लाख (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं.

पीएनजी (PNG) विस्तार: भविष्य की ओर कदम

एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने प्राकृतिक गैस (Natural Gas) और पीएनजी नेटवर्क को युद्ध स्तर पर फैलाने का फैसला लिया है.

प्रमुख नीतिगत बदलाव और पहल

100% प्राथमिकता: डोमेस्टिक पीएनजी (D-PNG) और सीएनजी (CNG-Transport) को 100% आपूर्ति की प्राथमिकता दी गई है.

अनिवार्य कनेक्शन: PNGRB ने निर्देश दिया है कि आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टलों और आंगनवाड़ी रसोई को 5 दिनों के भीतर पीएनजी से जोड़ा जाए.

विधिक आदेश 2026: आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' अधिसूचित किया गया है. यह पाइपलाइन बिछाने के लिए समयबद्ध ढांचा प्रदान करता है.

तेजी से स्वीकृति: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 3 महीने के लिए 'एक्सेलरेटेड अप्रूवल फ्रेमवर्क' अपनाया है, ताकि पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर की फाइलों को तुरंत क्लियर किया जा सके.

पेट्रोल और डीजल: कीमतों पर सरकार का प्रहार

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारत सरकार ने आम आदमी की जेब पर बोझ नहीं पड़ने दिया है.

उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. इसके बावजूद कि तेल कंपनियों (PSUs) को पेट्रोल पर 24.40 रुपये और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का घाटा (Under recovery) हो रहा है, खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.

घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना: देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने निर्यात पर लेवी (Export Levy) लगाई है. डीजल पर 21.5 रुपये/लीटर. एटीएफ (ATF) पर 29.5 रुपये/लीटर. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि रिफाइनरियां पहले घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करें.

विदेशी मोर्चे पर सुरक्षा: 'मिशन सुरक्षा'

पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.

समुद्री सुरक्षा (Maritime Safety)

नाविकों की सुरक्षा: पश्चिमी फारस की खाड़ी (Western Persian Gulf) में 18 भारतीय जहाजों पर 485 नाविक मौजूद हैं, जो सुरक्षित हैं.

कंट्रोल रूम: डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24x7 चालू है, जिसने अब तक 4984 कॉल और 10,000 से अधिक ईमेल का जवाब दिया है.

वापसी: अब तक 1130 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है.

खाड़ी देशों से हवाई निकासी

28 फरवरी से अब तक लगभग 6,49,000 यात्री क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं. हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के बावजूद वैकल्पिक मार्ग तैयार किए गए हैं:

ईरान: भारतीय छात्रों और नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाला जा रहा है.

कुवैत और बहरीन: यहां के नागरिक सऊदी अरब (दम्माम) के रास्ते भारत आ रहे हैं.

इजराइल और इराक: यहां से लोगों को मिस्र और जॉर्डन के रास्ते सुरक्षित निकाला जा रहा है.

कूटनीतिक प्रयास: भारत-रूस सहयोग

2 अप्रैल 2026 को रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस बैठक में व्यापार, उर्वरक (Fertilizers) और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई. यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस भारत का एक प्रमुख ऊर्जा भागीदार है और संकट के समय में आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में मदद कर सकता है.

Conclusion: अफवाहों से बचें, तथ्यों पर भरोसा करें

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है. कुछ इलाकों में 'पैनिक बाइंग' (डर के मारे खरीदारी) की खबरें आई थीं, जिन्हें रोकने के लिए राज्यों को दैनिक प्रेस ब्रीफिंग करने का निर्देश दिया गया है. फिलहाल 21 राज्य नियमित रूप से मीडिया को जानकारी दे रहे हैं. यह समय संयम और सरकार के निर्देशों का पालन करने का है. भारत की ऊर्जा सुरक्षा और उसके नागरिकों की सलामती के लिए तंत्र पूरी मजबूती से काम कर रहा है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं?

नहीं, सरकार ने उत्पाद शुल्क में ₹10 की कटौती की है और खुदरा कीमतों को स्थिर रखा है.

2. एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

देश भर में 4000 से अधिक छापेमारी की गई है और डिलीवरी के लिए DAC (ओटीपी आधारित) सिस्टम अनिवार्य किया गया है.

3. खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए क्या मदद उपलब्ध है?

विदेश मंत्रालय और डीजी शिपिंग ने 24x7 हेल्पलाइन शुरू की है और वैकल्पिक मार्गों से निकासी की जा रही है.

4. पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए क्या नया नियम है?

सरकार ने स्कूलों और हॉस्टलों को 5 दिन के भीतर कनेक्शन देने का निर्देश दिया है और इसके विस्तार के लिए नियमों को सरल बनाया है.

5. केरोसिन (SKO) की उपलब्धता की क्या स्थिति है?

राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है, और इसे पीएसयू पेट्रोल पंपों के माध्यम से भी वितरित किया जा रहा है.

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