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India Pakistan War: भारत पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ दिनों से जो तनाव चल रहा है, वह किसी युद्ध से कम नहीं है. DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने का भी यही मानना है कि इस तरह की गतिविधियां युद्ध के हालात में ही होती हैं. वह बोले- DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से जो गतिविधियां चल रही हैं, वह किसी युद्ध से कम नहीं हैं. सामान्य परिस्थितियों में एक-दूसरे देशों की वायुसेनाएं हवा में उड़कर एक-दूसरे पर हमला नहीं करतीं."
दोनों देशों की तरफ से एक दूसरे पर हमले के बीच बार-बार कुछ अफवाहें फैल रही हैं कि आखिर इस हमले में कितने लोग मारे गए? कितने विमान गिराए गए? बार-बार पाकिस्तान भारत के भी बहुत सारे विमान गिराने का दावा कर रहा है. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 सवालों के जवाब.
ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है. भारत की तरफ से आतंकी ठिकानों को टारगेट करते हुए पहले दिन यानी 6-7 मई की रात को जो हमला किया गया था, कुछ एजेंसियों के अनुसार उसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. वहीं पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में उसके लगभग 35 से 40 जवान और अफसर मारे गए हैं. यह युद्ध है, जिसमें कुछ और लोग भी मारे ही गए होंगे. सेना ने ऐसे लोगों की संख्या पर कोई भी आंकड़ा ना देते हुए कहा कि हमारा काम है टारगेट हिट करना, ना कि यह गिनना कि कितने लोग और कौन-कौन मारा गया.
सेना ने यह तो साफ किया कि पाकिस्तान के कई विमान मार गिराए गए हैं, लेकिन उनकी संख्या बताने से मना कर दिया. साथ ही सेना ने यह भी नहीं बताया कि कौन-कौन से विमान मार गिराए गए हैं. इसके पीछे तर्क ये दिया गया है कि इन सारी बातों को अभी ऑपरेशनल वजहों से सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है.
सेना ने यह साफ किया कि भारत किसी भी विमान को या किसी पायलट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. इस तरह सेना ने पाकिस्तान के उन दावों का भी खंडन कर दिया है, जिनमें वह बार-बार भारत के कई लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात करता है.
इस सवाल के जवाब में सेना ने कहा कि ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है कि भारतीय सेना के किन ठिकानों या किन हथियारों को नुकसान पहुंचा है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पाकिस्तान को इस युद्ध के हालात में फायदा पहुंच सकता है. हालांकि, ये जरूर बताया कि अब तक इस पूरे युद्ध में भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो चुके हैं.
सेना ने इस सवाल का जवाब भी यही कहते हुए नहीं दिया कि इससे पाकिस्तान को युद्ध में फायदा पहुंच सकता है. हालांकि, यह जरूर बताया कि जब पाकिस्तान की तरफ से बार-बार भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जाने लगा तो भारतीय सेना ने उसका भी करारा जवाब दिया, जिसमें भारतीय सेना ने भी भारी हथियार इस्तेमाल किए.