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India COVID-19 update: साल 2019 का दिसंबर, चीन में दबे पांव एक ऐसे वायरस ने जन्म लिया और फिर पूरी दुनिया को सांस नहीं लेने दी. दुनियाभर में लॉकडाउन जैसी सिचुएशंस देखने को मिली. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो एक बार फिर कोरोना की आहट सुनाई दे रही है, लेकिन इस बार चीन में नहीं, बल्कि सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग से. पिछले कुछ हफ्तों से वहां कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं. ये वायरस दोबारा पैर पसारने की तैयारी में है. लेकिन, भारत अलर्ट हो चुका है. जैसे ही ये खबरें मीडिया में आईं, भारत सरकार भी एकदम चौकन्नी हो गई है और पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए है. अब सवाल ये है कि क्या हमें टेंशन लेने की जरूरत है? और हमारी सरकार क्या कर रही है?
1. क्या है खबर: पिछले कुछ हफ्तों से सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग में कोरोना के केस में उछाल देखा गया है.
2. राहत की बात: अच्छी खबर ये है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वहां जो केस आ रहे हैं वो ज्यादातर हल्के हैं. मतलब, कोई खास गंभीर बीमारी या जान का खतरा फिलहाल नहीं दिख रहा है. न तो केस बहुत ज्यादा सीरियस हैं और न ही मौतें हो रही हैं.
1. सरकार हुई एक्टिव: जैसे ही ये खबरें आईं, अपनी भारत सरकार भी एकदम अलर्ट हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फौरन सभी जानकारों और बड़े अधिकारियों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की.
2. कौन-कौन था मीटिंग में: इस मीटिंग की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर जनरल (DGHS) ने की. इसमें नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), इमरजेंसी मेडिकल रिलीफ (EMR) डिविजन, डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और केंद्र सरकार के बड़े अस्पतालों के टॉप एक्सपर्ट्स शामिल हुए. मतलब, सारे धुरंधर एक साथ बैठे और स्थिति का जायजा लिया.
1. भारत में स्थिति कंट्रोल में: मीटिंग में एक्सपर्ट्स ने साफ कहा कि भारत में अभी कोरोना की स्थिति पूरी तरह काबू में है. घबराने वाली कोई बात नहीं है.
2. आंकड़े क्या कहते हैं: सोचिए, 19 मई 2025 तक, पूरे देश में कोरोना के सिर्फ 257 एक्टिव केस हैं! इतनी बड़ी आबादी वाले देश के लिए ये आंकड़ा बहुत ही कम है.
3. कैसे हैं केस?: और जो केस हैं भी, वो ज्यादातर हल्के-फुल्के हैं, किसी को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आई है.
4. पहले से है तैयारी: अपने देश में सांस की बीमारियों और कोरोना पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और ICMR का एक मजबूत सिस्टम पहले से ही काम कर रहा है, जो लगातार निगरानी रखता है.
1. स्वास्थ्य मंत्रालय चौकन्ना: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह चौकन्ना है और हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है.
2. सुरक्षा के उपाय: सरकार ये पक्का कर रही है कि लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम हैं, वो उठाए जाएं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार रहें.
घबराने की कोई बात नहीं है. सरकार अपना काम कर रही है और स्थिति पर पूरी नजर है. ये अच्छी बात है कि हमारे देश में कोरोना के मामले अभी बहुत कम हैं और जो हैं भी वे गंभीर नहीं हैं. हां, ये जरूरी है कि हम भी अपनी तरफ से थोड़ी सावधानी बरतें, जैसे कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर अगर असहज महसूस हो तो मास्क लगा लें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और अगर कोरोना जैसे कोई लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें. फिलहाल, चिंता की कोई बड़ी वजह नहीं है, लेकिन जागरूक और सतर्क रहना हमेशा अच्छा होता है.