बीत गई होली अब पड़ेगी प्रचंड गर्मी! IMD ने जारी की चेतावनी- मार्च-मई रहेंगे बहुत गर्म, बताए- हीटवेव वाले राज्यों के भी नाम

मार्च से मई तक का समय भारत में गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है. इस साल IMD के अनुमान ने साफ कर दिया है कि आने वाले महीनों में गर्मी सामान्य से ज्यादा रह सकती है. ऐसे में सरकार, बिजली कंपनियां और आम लोगों को अभी से तैयारी करने की जरूरत है.
बीत गई होली अब पड़ेगी प्रचंड गर्मी! IMD ने जारी की चेतावनी- मार्च-मई रहेंगे बहुत गर्म, बताए- हीटवेव वाले राज्यों के भी नाम

इस बार की गर्मी सिर्फ तेज नहीं बल्कि लंबे समय तक चलने वाली हो सकती है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

होली खत्म होते ही देश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि मार्च से मई 2026 के बीच देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है.

मौसम विभाग के मुताबिक इस बार गर्मी का असर पिछले सालों की तुलना में ज्यादा महसूस हो सकता है और कई इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव (Heatwave) चलने की संभावना है.

यानी आने वाले तीन महीने सिर्फ गर्म नहीं बल्कि काफी चुनौतीपूर्ण गर्मी वाले हो सकते हैं.

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कैसी रहने वाली है इस साल की गर्मी?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक मार्च, अप्रैल और मई 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और कई जगहों पर लगातार कई दिनों तक लू चल सकती है.

इसका मतलब यह है कि:

  • गर्मी जल्दी शुरू होगी
  • तापमान तेजी से बढ़ेगा
  • कई इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव रह सकती है

मौसम विभाग का मानना है कि इस बार गर्मी का असर खास तौर पर उत्तर और मध्य भारत में ज्यादा दिखाई दे सकता है.

किन राज्यों में हीटवेव का ज्यादा खतरा?

IMD के अनुसार कुछ राज्यों में हीटवेव का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा.

इनमें शामिल हैं:

  • राजस्थान- यहां पहले से ही गर्म मौसम रहता है और इस बार तापमान और ज्यादा बढ़ सकता है.
  • पंजाब और हरियाणा- उत्तर भारत के इन राज्यों में मार्च के बाद तापमान तेजी से चढ़ सकता है.
  • दिल्ली-NCR- राजधानी क्षेत्र में भी लंबे समय तक लू चलने की आशंका है.
  • मध्य प्रदेश- मध्य भारत में भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है.
  • उत्तर प्रदेश- राज्य के कई हिस्सों में अप्रैल और मई में तीखी गर्मी पड़ सकती है.

इन राज्यों में गर्मी का असर ज्यादा रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

क्यों बढ़ रही है गर्मी?

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ सालों में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है.

इसी वजह से:

  • गर्मी जल्दी शुरू हो रही है
  • तापमान ज्यादा बढ़ रहा है
  • हीटवेव की अवधि लंबी हो रही है

भारत में पिछले कुछ वर्षों में गर्मी के रिकॉर्ड लगातार टूटे हैं. कई शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंचता है.

लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार कुछ क्षेत्रों में Long Duration Heatwave देखने को मिल सकती है.

इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है.

हीटवेव तब मानी जाती है जब:

  • मैदानों में तापमान 40°C या उससे ज्यादा हो जाए
  • सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा तापमान दर्ज हो

ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है.

गर्मी बढ़ने से किन सेक्टर पर पड़ेगा असर?

गर्मी सिर्फ मौसम की खबर नहीं होती, इसका असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर भी पड़ता है.

अगर गर्मी ज्यादा पड़ती है तो कई सेक्टर में मांग तेजी से बढ़ जाती है.

1. बिजली की मांग बढ़ेगी

तेज गर्मी के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ जाता है. इससे देश में पावर डिमांड रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है.

2. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को फायदा

AC, कूलर और रेफ्रिजरेटर बनाने वाली कंपनियों की बिक्री तेजी से बढ़ सकती है.

3. पेय पदार्थों की मांग बढ़ेगी

गर्मी बढ़ने पर सॉफ्ट ड्रिंक, जूस और पैकेज्ड वॉटर की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है.

4. पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को फायदा

बिजली की खपत बढ़ने से पावर जनरेशन और ट्रांसमिशन कंपनियों को फायदा हो सकता है.

आने वाले महीनों में गर्मी पर सबकी नजर

मार्च से मई तक का समय भारत में गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है. इस साल IMD के अनुमान ने साफ कर दिया है कि आने वाले महीनों में गर्मी सामान्य से ज्यादा रह सकती है. ऐसे में सरकार, बिजली कंपनियां और आम लोगों को अभी से तैयारी करने की जरूरत है. क्योंकि इस बार की गर्मी सिर्फ तेज नहीं बल्कि लंबे समय तक चलने वाली हो सकती है.

FAQs

Q1. हीटवेव क्या होती है?
जब किसी इलाके में तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा हो जाए और मैदानों में 40°C या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो उसे हीटवेव कहा जाता है.

Q2. भारत में हीटवेव कब सबसे ज्यादा पड़ती है?
आमतौर पर मार्च से जून के बीच उत्तर और मध्य भारत में हीटवेव की घटनाएं ज्यादा देखी जाती हैं.

Q3. हीटवेव के दौरान किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
बुजुर्ग, छोटे बच्चे, बाहर काम करने वाले मजदूर और पहले से बीमार लोग हीटवेव के दौरान ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.

Q4. हीटवेव से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
ज्यादा पानी पिएं, तेज धूप में बाहर जाने से बचें, हल्के कपड़े पहनें और शरीर को हाइड्रेट रखें.

Q5. क्या हीटवेव का असर बिजली की मांग पर पड़ता है?
हां, गर्मी बढ़ने से AC, कूलर और फ्रिज का इस्तेमाल बढ़ता है, जिससे बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है.

Q6. IMD हीटवेव की चेतावनी कैसे जारी करता है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग तापमान के पूर्वानुमान और मौसम के पैटर्न के आधार पर हीटवेव अलर्ट जारी करता है.

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