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1 अप्रैल 2026 से इंटरनेट-आधारित CCTV कैमरों की बिक्री पर सख्ती. (प्रतीकात्मक फोटो: Freepik)
भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा और जासूसी के बढ़ते खतरों को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से चीनी इंटरनेट-आधारित CCTV कैमरों की भारत में एंट्री पर रोक लग जाएगी. नियम केवल स्मार्ट, कनेक्टेड CCTV पर लागू होंगे. इस कदम का मकसद साइबर सुरक्षा और जासूसी जोखिम कम करना है.
ज़ी बिजनेस के प्रिंसिप कॉरेस्पोंडेंट अनुवेश रथ के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से भारत में बिना सर्टिफिकेशन वाले चीनी स्मार्ट CCTV कैमरों पर रोक लगेगी, जिससे साइबर सुरक्षा मजबूत होगी. इससे चीनी कंपनियों को झटका और घरेलू कंपनियों को बड़ा मौका मिलेगा, लेकिन कीमतें 15-20% तक बढ़ सकती हैं.
लेकिन सवाल है ये कि सरकार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? और इसका असर आम लोगों से लेकर कंपनियों तक कैसे पड़ेगा?
मतलब साफ है कि अब हर कैमरा ट्रस्टेड होना चाहिए.
| डीटेल | |
| लागू होने की तारीख | 1 अप्रैल 2026 |
| प्रभावित कंपनियां | Hikvision, Dahua, TP-Link |
| मार्केट पर असर | 30% शेयर प्रभावित |
| संभावित कीमत बढ़ोतरी | 15-20% |
| लक्ष्य | साइबर सुरक्षा + ट्रस्टेड सप्लाई चेन |
चीन की दिग्गज कंपनियां Hikvision, Dahua और TP-Link इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी.
STQC सर्टिफिकेशन और सिक्योरिटी क्लियरेंस के ये कंपनियां अब अपने स्मार्ट कैमरे भारतीय बाजार में नहीं बेच पाएंगी.
इनका भारत के CCTV मार्केट में करीब 30% हिस्सा है.
नहीं, यह सबसे बड़ा कन्फ्यूजन है. सिर्फ ये कैमरे प्रभावित होंगे- इंटरनेट से जुड़े और स्मार्ट फीचर्स वाले CCTV.
ये सुरक्षित हैं:
हां. चीनी कैमरों की सप्लाई कम होने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता बढ़ने से कीमतों में 15% से 20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
अगर आप CCTV खरीदने की सोच रहे हैं, तो
घरेलू कंपनियां-
चीनी इंटरनेट-आधारित CCTV कैमरों पर रोक से भारतीय CCTV मैन्युफैक्चरर्स को फायदा होगा.
लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड्स और 'मेक इन इंडिया' को बूस्ट मिलेगा.
सरकार का फोकस लोकल मैन्युफैक्चरिंग और ट्रस्टेड सप्लाई चेन को बढ़ाना है.
चीनी कंपनियां-
इस फैसले से चीनी कंपनियों का भारत में मार्केट शेयर घटेगा और नए नियमों के कारण एंट्री मुश्किल होगी.
यह सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नियम नहीं है - यह भारत की डिजिटल सुरक्षा रणनीति का बड़ा हिस्सा है. सरकार अब साफ संदेश दे रही है कि 'सस्ता नहीं, सुरक्षित चाहिए'.
Live TV
1. क्या सभी चीनी CCTV कैमरे बैन हो गए हैं?
नहीं, सिर्फ इंटरनेट-आधारित कैम पर सख्ती है.
2. STQC सर्टिफिकेशन क्या है?
यह सरकार द्वारा दिया जाने वाला क्वालिटी और सिक्योरिटी सर्टिफिकेट है.
3. क्या कीमतें बढ़ेंगी?
हां, 15-20% तक बढ़ने की संभावना है.
4. क्या यह फैसला सुरक्षा से जुड़ा है?
हां, मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन है.
5. क्या घरेलू कंपनियों को फायदा होगा?
बिल्कुल, लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिलेगा.
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