पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाई, जानिए क्या होगा असर

भारत सरकार की तरफ से डीजल को लेकर 11 अप्रैल, 2026 को नई अधिसूचना जारी की है. सरकार ने हाई स्पीड डीजल पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED ) और सड़क एवं अवसंरचना उपकर (Cess) में बड़ी बढ़ोतरी की है. अब सवाल ये है कि इन कर संशोधनों का आम आदमी की जेब और माल ढुलाई की लागत पर असर पड़ेगा या नहीं
पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाई, जानिए क्या होगा असर

भारत सरकार ने विंडफॉल गेन की समीक्षा के बाद डीजल पर लगने वाले शुल्क में कुछ बदलाव किए हैं. इससे पहले 26 मार्च को समीक्षा हुई थी, जिसके बाद अब रेट्स को फिर से रिवाइज किया गया है. नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं. सरकार फिर से 15 दिन बाद समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर नई दरें जारी की जाएंगी.

भारत सरकार के राजस्व विभाग ने इसे लेकर आज यानी 11 अप्रैल, 2026 को राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) भी जारी की है. डीजल और पेट्रोल की अलग-अलग कैटेगरी में अलग-अलग बदलाव किए गए हैं.

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डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी

डीजल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी के बदलाव की लिस्ट ये रही, आइए जानते हैं इनके बारे में:

विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED): हाई स्पीड डीजल पर स्पेशल एक्साइज़ ड्यूटी को बढ़ाकर अब 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

सड़क और अवसंरचना उपकर (RIC): विकास कार्यों के तहत लिए जाने वाले इस सेस को अब 36 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है .

सामान्य डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी: डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 21.5 रुपये प्रति लीटर थी.

एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी: अब एटीएफ पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.

पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी: पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी निल यानी शून्य है.

कब से प्रभावी: सरकार ने इन दरों को 'तत्काल प्रभाव' से लागू करने का निर्देश दिया है.

क्या होगा असर?

अब एक बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या आम जनता के लिए भी डीजल महंगा हो जाएगा? यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि ये सभी शुल्क एक्सपोर्ट पर लगाए गए हैं. यानी इन दरों के बढ़ने की वजह से विदेश जाने वाले डीजल के दाम बढ़ेंगे, ना कि देश में मिलने वाले डीजल के दाम पर इसका कोई असर होगा.

जनता को होगा फायदा

देखा जाए तो सरकार के इस कदम से देश की जनता को फायदा होने वाला है. एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाना मतलब एक्सपोर्ट को कम करने की कोशिश करना है. इससे देश में डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. पश्चिम एशिया संकट के बीच यह भारत सरकार का बड़ा कदम है, जो देश के हित में है.

Conclusion

11 अप्रैल 2026 की अधिसूचनाओं के बाद डीजल महंगा जरूर हुआ है, लेकिन आम जनता के लिए नहीं. सिर्फ एक्सपोर्ट होने वाले डीजल की दरों में बढ़ोतरी हुई है. पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने देश में डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ये अहम कदम उठाया है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या अब डीजल महंगा हो जाएगा?

देश में नहीं, सिर्फ एक्सपोर्ट होने वाले डीजल पर असर होगा.

Q2 डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी कितनी हो गई?

डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 21.5 रुपये प्रति लीटर थी.

Q3 एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी कितनी हो गई?

अब एटीएफ पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.

Q4 क्या पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी भी बढ़ी है?

नहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी अभी भी निल यानी शून्य है.

Q5 यह नई दरें कब से प्रभावी होंगी?

सरकार ने इन दरों को 'तत्काल प्रभाव' से लागू करने का निर्देश दिया है.

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