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सितंबर महीने में देशभर में करीब 3 करोड़ कोरोना टेस्ट हुए हैं. (ANI)
दो महीनों में कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण भारत में तेजी से बढ़ा है. सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में तकरीबन 1 लाख मामले सामने आए हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि मृत्यु दर (Mortality rate) में कमी आई है और रिकवरी रेट (Recovery rate) में सुधार हुआ है. लेकिन, संक्रमण की चेन अभी भी टूटी नहीं है.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल एंड रिसर्च (ICMR) ने दूसरी नेशनल सीरो रिपोर्ट (Sero Survey report) जारी कर दी है. इस रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. अगस्त 2020 तक 10 साल से ज्यादा की उम्र का हर 15वां शख्स वायरस की चपेट में आया है.
बीते 24 घंटे में आए 80 हजार से ज्यादा मरीज
सितंबर महीने में देशभर में करीब 3 करोड़ कोरोना टेस्ट हुए हैं. देश में प्रति 10 लाख आबादी पर टेस्ट की संख्या 50 हजार के आंकड़े को पार कर गई है. देश में कुल मरीजों की संख्या 62 लाख पहुंच चुकी है. बीते 24 घंटे में 80 हजार से ज्यादा नए मामले आए हैं. वहीं, 9 लाख से ज्यादा मामले अभी भी एक्टिव कैटेगरी में हैं. सीरो सर्वे की रिपोर्ट में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक, इस बार वयस्कों (Adults) में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ा है. यही नहीं भारत में कोरोना फैलने की रफ्तार अमेरिका के बराबर पहुंच गई है.
वयस्कों में तेजी से फैला कोरोना
दूसरे सीरो सर्वे में वयस्कों में संक्रमण 7.1% की वृद्धि देखी गई, जोकि मई में हुए पहले सीरो सर्वे से 0.7% से ऊपर है. शहरी झुग्गी बस्तियों में 15.6% और गैर-मलिन बस्तियों में 8.2% संक्रमण था. जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रसार 4.4% कम था. सीरो रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना वायरस से ग्रामीण इलाके इतने प्रभावित नहीं हुए हैं. दूसरी सीरो सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, SARS-CoV2 से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरी स्लम और शहरी नॉन-स्लम एरिया हैं. ग्रामीण क्षेत्र अपेक्षाकृत कम प्रभावित हैं.
अमेरिका की दर से भारत में फैला कोरोना
ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव के मुताबिक, दूसरे देशों के मुकाबले भारत में संक्रमण प्रसार 9.3% है, जो अमेरिका जैसे देशों के बराबर है. ब्राजील में 2.8% और स्पेन में 4.6% है. शहरों में सीरो सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दिल्ली में पहले दो सर्वेक्षणों में 23.5% और 29.1% का प्रचलन था. मुंबई में मलिन बस्तियों में 57.8% और गैर-मलिन बस्तियों में 17.4%, चेन्नई में 21.5%, अहमदाबाद में 17.6%, पुदुचेरी में 22.7% और इंदौर में 7.8% का संक्रमण था.
नहीं टला है अभी खतरा
बलराम भार्गव के मुताबिक, अभी खतरा टला नहीं है. जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अतिसंवेदनशील है और लोगों से आग्रह किया कि अभी ये खतरा टला नहीं है. कोरोना वायरस से सुरक्षा की जो गाइडलाइंस है उनका पालन किया जाए. राज्य सरकारों से अपील की है कि त्योहारी सीजन, सर्दी के मौसम को देखते हुए खास सतर्कता बरतनी होगी. अगले कुछ महीनों के दौरान त्योहार की वजह से बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलेंगे. ऐसे में राज्य सरकारों को नई कंटेनमेंट स्ट्रैटिजी तैयार करनी चाहिए.
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राहत की बात
ICMR के बलराम भार्गव के मुताबिक, राहत की बात यह है कि भारत में मृतकों की संख्या पूरी दुनिया में सबसे कम है. भारत में अब तक 51 लाख कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है. मई में 81-130 ऐसे मामले थे, जो जिनमें कोरोना वायरस का संक्रमण तो था लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं थे. ऐसे संक्रमित लोग दूसरों को संक्रमित कर सकते थे. अब ये संख्या 26-32 हो गई. जोकि एक बड़ी सफलता है. ये ट्रेसिंग और टेस्टिंग से संभव हुआ है.