आपके किराएदार का आधार फर्जी है या असली! ऐसे मिनटों में पता लगाएं

अपने घर को किराए पर देते समय सिर्फ आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेना काफी नहीं है. आज के डिजिटल युग में, 2 मिनट का समय निकालकर Aadhaar Card Verification करना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. आप या तो UIDAI की वेबसाइट पर जाकर आधार नंबर से या फिर mAadhaar ऐप से आसानी से पता लगा सकते हैं कि कार्ड असली है या नकली.
आपके किराएदार का आधार फर्जी है या असली! ऐसे मिनटों में पता लगाएं

घर किराए पर देना कमाई का एक अच्छा जरिया है, लेकिन ये अपने साथ कई जिम्मेदारियां और जोखिम भी लाता है. जब भी कोई नया किराएदार आता है, तो हम पहचान पत्र के तौर पर सबसे पहले उससे उसका आधार कार्ड मांगते हैं. हमें लगता है कि आधार कार्ड मिल गया मतलब पहचान पक्की हो गई. लेकिन यहीं पर आप सबसे बड़ी गलती कर सकते हैं. आजकल टेक्नोलॉजी के दौर में जितने भी फ्रॉड हो रहे हैं, उनमें नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल शामिल है.

कई बार लोग नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल करके घर किराए पर लेते हैं और फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर गायब हो जाते हैं, जिसके बाद कानूनी पचड़ों में मकान मालिक फंस जाता है. इसलिए, किसी के हाथ में आधार कार्ड देखकर उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. UIDAI ने आपको ये सुविधा दी है कि आप खुद मिनटों में ये पता लगा सकते हैं कि कोई आधार कार्ड असली है या नकली. और इसके लिए आपको एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं है.

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क्यों हर मकान मालिक के लिए जरूरी है आधार वेरिफिकेशन?

इसे सिर्फ एक मामूली प्रक्रिया समझने की गलती न करें. Tenant Verification आपकी और आपकी प्रॉपर्टी की सुरक्षा का पहला कदम है. एक नकली आधार कार्ड का मतलब हो सकता है:

आपराधिक पृष्ठभूमि

हो सकता है कि किराएदार की आपराधिक पृष्ठभूमि हो और वो पुलिस से बचने के लिए नकली पहचान का इस्तेमाल कर रहा हो.

वित्तीय धोखाधड़ी

कई लोग नकली पहचान पर घर किराए पर लेकर बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से फ्रॉड करते हैं और पता आपके घर का दे देते हैं.

अवैध गतिविधियां

आपकी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किसी गैर-कानूनी काम के लिए भी किया जा सकता है.

कानूनी सिरदर्द

किसी भी अनहोनी की स्थिति में, अगर आपने वेरिफिकेशन नहीं किया है, तो कानूनी तौर पर आप पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं.

तरीका 1: UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से करें वेरिफाई

ये सबसे सीधा और आसान तरीका है, जिसे आप अपने लैपटॉप या मोबाइल से कर सकते हैं. इसके लिए बस आपको किराएदार के आधार कार्ड पर लिखा 12 अंकों का नंबर चाहिए.

स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

  • सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट uidai.gov.in खोलें.
  • वेबसाइट खुलने पर अपनी पसंदीदा भाषा चुनें. इसके बाद होमपेज पर ऊपर दिख रहे 'My Aadhaar' के टैब पर जाएं.
  • 'My Aadhaar' ड्रॉप-डाउन मेन्यू में आपको 'Aadhaar Services' का एक सेक्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें.
  • अब आपके सामने कई सारे विकल्प आएंगे. इनमें से आपको 'Verify an Aadhaar Number' के ऑप्शन को ढूंढकर उस पर क्लिक करना है.
  • नए पेज पर आपको दो चीजें डालनी होंगी - किराएदार का 12 अंकों का आधार नंबर और नीचे दिया गया कैप्चा कोड (सुरक्षा कोड).
  • डीटेल्स डालने के बाद 'Proceed and Verify Aadhaar' बटन पर क्लिक करें. इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि आधार असली है या नहीं.

तरीका 2: mAadhaar

आप चाहें तो mAadhaar ऐप से भी आधार को वेरिफाई कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको अपने मोबाइल में ऐप को इंस्‍टॉल करना होगा. इस ऐप में आपको आधार वेरिफाई और QR कोड स्कैनर, ये दो विकल्प मिलेंगे. आधार वेरिफाई में जाकर आप सीधे आधार नंबर डालकर वेरिफिकेशन कर सकते हैं, वहीं QR कोड स्कैनर में आप आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके असली या नकली आधार कार्ड का पता कर सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या आधार वेरिफाई करने के लिए कोई फीस लगती है?

नहीं, UIDAI की ये सेवा पूरी तरह से मुफ्त है. वेबसाइट या mAadhaar ऐप से वेरिफिकेशन के लिए कोई चार्ज नहीं लगता.

2. क्या वेरिफिकेशन के लिए किराएदार के आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है?

नहीं. 'Verify an Aadhaar Number' सेवा के लिए या QR कोड स्कैन करने के लिए आधार से मोबाइल नंबर का लिंक होना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. कोई भी व्यक्ति किसी भी आधार को वेरिफाई कर सकता है.

3. अगर वेरिफिकेशन में आता है कि 'Aadhaar does not exist', तो इसका क्या मतलब है?

इसका सीधा मतलब है कि वो आधार नंबर नकली है और UIDAI के डेटाबेस में मौजूद नहीं है. ऐसे व्यक्ति को तुरंत मना कर देना चाहिए.

4. क्या मुझे सिर्फ फोटोकॉपी देखकर वेरिफाई करना चाहिए?

नहीं. हमेशा किराएदार से ओरिजिनल आधार कार्ड दिखाने के लिए कहें. QR कोड को ओरिजिनल कार्ड से ही स्कैन करें और फोटो का मिलान करें.

5. वेबसाइट और mAadhaar ऐप में से कौन सा तरीका बेहतर है?

mAadhaar ऐप से QR कोड स्कैन करना ज्यादा बेहतर है क्योंकि ये आपको नाम, पते और जन्मतिथि के साथ किराएदार की तस्वीर भी दिखाता है, जिससे आप 100% पुष्टि कर सकते हैं.

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