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घर किराए पर देना कमाई का एक अच्छा जरिया है, लेकिन ये अपने साथ कई जिम्मेदारियां और जोखिम भी लाता है. जब भी कोई नया किराएदार आता है, तो हम पहचान पत्र के तौर पर सबसे पहले उससे उसका आधार कार्ड मांगते हैं. हमें लगता है कि आधार कार्ड मिल गया मतलब पहचान पक्की हो गई. लेकिन यहीं पर आप सबसे बड़ी गलती कर सकते हैं. आजकल टेक्नोलॉजी के दौर में जितने भी फ्रॉड हो रहे हैं, उनमें नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल शामिल है.
कई बार लोग नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल करके घर किराए पर लेते हैं और फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर गायब हो जाते हैं, जिसके बाद कानूनी पचड़ों में मकान मालिक फंस जाता है. इसलिए, किसी के हाथ में आधार कार्ड देखकर उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. UIDAI ने आपको ये सुविधा दी है कि आप खुद मिनटों में ये पता लगा सकते हैं कि कोई आधार कार्ड असली है या नकली. और इसके लिए आपको एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं है.
इसे सिर्फ एक मामूली प्रक्रिया समझने की गलती न करें. Tenant Verification आपकी और आपकी प्रॉपर्टी की सुरक्षा का पहला कदम है. एक नकली आधार कार्ड का मतलब हो सकता है:
हो सकता है कि किराएदार की आपराधिक पृष्ठभूमि हो और वो पुलिस से बचने के लिए नकली पहचान का इस्तेमाल कर रहा हो.
कई लोग नकली पहचान पर घर किराए पर लेकर बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से फ्रॉड करते हैं और पता आपके घर का दे देते हैं.
आपकी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किसी गैर-कानूनी काम के लिए भी किया जा सकता है.
किसी भी अनहोनी की स्थिति में, अगर आपने वेरिफिकेशन नहीं किया है, तो कानूनी तौर पर आप पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं.
ये सबसे सीधा और आसान तरीका है, जिसे आप अपने लैपटॉप या मोबाइल से कर सकते हैं. इसके लिए बस आपको किराएदार के आधार कार्ड पर लिखा 12 अंकों का नंबर चाहिए.
आप चाहें तो mAadhaar ऐप से भी आधार को वेरिफाई कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको अपने मोबाइल में ऐप को इंस्टॉल करना होगा. इस ऐप में आपको आधार वेरिफाई और QR कोड स्कैनर, ये दो विकल्प मिलेंगे. आधार वेरिफाई में जाकर आप सीधे आधार नंबर डालकर वेरिफिकेशन कर सकते हैं, वहीं QR कोड स्कैनर में आप आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके असली या नकली आधार कार्ड का पता कर सकते हैं.
नहीं, UIDAI की ये सेवा पूरी तरह से मुफ्त है. वेबसाइट या mAadhaar ऐप से वेरिफिकेशन के लिए कोई चार्ज नहीं लगता.
नहीं. 'Verify an Aadhaar Number' सेवा के लिए या QR कोड स्कैन करने के लिए आधार से मोबाइल नंबर का लिंक होना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. कोई भी व्यक्ति किसी भी आधार को वेरिफाई कर सकता है.
इसका सीधा मतलब है कि वो आधार नंबर नकली है और UIDAI के डेटाबेस में मौजूद नहीं है. ऐसे व्यक्ति को तुरंत मना कर देना चाहिए.
नहीं. हमेशा किराएदार से ओरिजिनल आधार कार्ड दिखाने के लिए कहें. QR कोड को ओरिजिनल कार्ड से ही स्कैन करें और फोटो का मिलान करें.
mAadhaar ऐप से QR कोड स्कैन करना ज्यादा बेहतर है क्योंकि ये आपको नाम, पते और जन्मतिथि के साथ किराएदार की तस्वीर भी दिखाता है, जिससे आप 100% पुष्टि कर सकते हैं.