मई ने ही निकाल दिए पसीने! जून में और तपा सकती है गर्मी, आखिर इस साल क्यों ‘उबल’ रही धरती? जानें कब आएगा मॉनसून

Weather Update: मई 2026 सिर्फ एक गर्म महीना नहीं, बल्कि क्लाइमेट प्रेशर की बड़ी चेतावनी बनता दिख रहा है. इस समय सबसे बड़ी चिंता यही है कि “Heatwave लंबी खिंचती दिख रही है, जबकि मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.” यानी गर्मी ज्यादा, राहत देर से और ऊपर से कमजोर बारिश का खतरा. इन तीनों ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है.
मई ने ही निकाल दिए पसीने! जून में और तपा सकती है गर्मी, आखिर इस साल क्यों ‘उबल’ रही धरती? जानें कब आएगा मॉनसून

IMD के मुताबिक केरलम पहुंचने के बाद मॉनसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में 4-6 हफ्ते लग सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो/AI)

मई अभी खत्म नहीं हुआ... लेकिन गर्मी जून जैसा कहर बरपा रही है. अगर आपको लग रहा है कि इस बार मई कुछ ज्यादा ही तप रहा है, तो यह सिर्फ एहसास नहीं, हकीकत है. भारत इस समय दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो चुका है. धरती के 50 सबसे गर्म शहरों में ज्यादातर भारत के हैं.

उत्तर प्रदेश का बांदा 47.6°C, मध्य प्रदेश का खजुराहो 47.4°C और महाराष्ट्र का वर्धा 47.1°C तक पहुंच चुका है. दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, एमपी और गुजरात लगातार Heatwave की चपेट में हैं.

अब सबसे बड़ा डर यह है:

“अगर मई इतना खौल रहा है, तो जून में क्या होगा?” और इसी सवाल के साथ लोग यह भी जानना चाहते हैं:

  • इस बार इतनी भयंकर गर्मी क्यों पड़ रही है?
  • क्या Heat Dome बन चुका है?
  • मॉनसून आखिर कहां अटक गया?
  • और क्या जून राहत देगा या और तपा देगा?

पहले समझिए पूरी तस्वीर

  • भारत के 50 सबसे गर्म शहरों में कई शहर शामिल
  • बांदा में तापमान 47.6°C तक पहुंचा
  • दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में Heatwave जारी
  • IMD ने कई राज्यों में Severe Heatwave का अलर्ट जारी किया
  • 26 मई तक मानसून केरल नहीं पहुंचा
  • जून के तीसरे हफ्ते तक उत्तर भारत में गर्मी जारी रह सकती है
  • El Nino और Heat Dome जैसी स्थितियां चिंता बढ़ा रही हैं

सवाल 1: अभी सबसे ज्यादा गर्मी कहां पड़ रही है?

पिछले कुछ दिनों में:

  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदर्भ
  • गुजरात

भीषण गर्मी की चपेट में रहे हैं.

कई इलाकों में तापमान:

42°C से 47°C के बीच पहुंच चुका है.

आखिर Heatwave कब घोषित होती है?

IMD के मुताबिक, अगर किसी इलाके का तापमान सामान्य से 4.5°C ज्यादा हो तो Heatwave मानी जाती है और अगर तापमान सामान्य से 6.4°C ज्यादा पहुंच जाए तो उसे Severe Heatwave कहा जाता है. यानी सिर्फ 45°C पहुंचना जरूरी नहीं. कई बार सामान्य से बहुत ज्यादा deviation भी Heatwave बना देता है.

भारत के सबसे गर्म शहर

शहरतापमान
बांदा (UP)47.6°C
खजुराहो (MP)47.4°C
वर्धा (Maharashtra)47.1°C
दिल्ली के कई हिस्से45°C+
राजस्थान के इलाके46°C के आसपास

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सवाल 2: इस बार इतनी भयंकर गर्मी क्यों पड़ रही है?

यही सबसे बड़ा सवाल है.

इस बार गर्मी सिर्फ “सामान्य मई” वाली गर्मी नहीं है. मौसम वैज्ञानिक इसके पीछे कई बड़े कारण बता रहे हैं.

वजह नंबर-1: अप्रैल की बारिश ने बाद में गर्मी बढ़ा दी

अप्रैल की शुरुआत में कई राज्यों में:

  • बारिश
  • ओले
  • तेज हवाएं

देखने को मिली थीं.

इसके पीछे था: Western Disturbance

यह भूमध्यसागर की तरफ से आने वाला मौसम सिस्टम होता है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है. लेकिन इसके बाद मौसम तेजी से पलटा.

वजह नंबर-2: Jet Stream ने गर्म हवा को ‘फंसा’ दिया

ऊपरी वायुमंडल में बहने वाली तेज हवाओं को Jet Stream कहा जाता है.

इस बार:

  • Jet Stream का पैटर्न बदला
  • बादल तेजी से साफ हुए
  • ठंडी हवाएं रुक गईं

इसके बाद जमीन के ऊपर High Pressure Zone बन गया. इससे गर्म हवा ऊपर नहीं जा पाई और धरती लगातार तपती चली गई. इसी process को वैज्ञानिक “Subsidence” कहते हैं.

वजह नंबर-3: Heat Dome ने गर्मी को ‘कैद’ कर लिया

यह इस साल की सबसे बड़ी मौसम कहानी बनती जा रही है.

Heat Dome क्या होता है?

यह जमीन से करीब 5 किमी ऊपर बनने वाला High Pressure सिस्टम होता है, जो किसी ढक्कन की तरह काम करता है.

यानी:

  • गर्म हवा नीचे फंस जाती है
  • बादल नहीं बनते
  • बारिश रुक जाती है
  • तापमान लगातार बढ़ता जाता है

एक बार Heat Dome बन जाए, तो वह हफ्तों तक बना रह सकता है.

Heat Dome कैसे काम करता है?

सामान्य स्थितिHeat Dome की स्थिति
गर्म हवा ऊपर उठती हैगर्म हवा नीचे फंस जाती है
बादल बनते हैंआसमान साफ रहता है
बारिश की संभावनाबारिश रुक जाती है
गर्मी निकलती रहती हैगर्मी जमा होती जाती है

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सवाल 3: क्या मॉनसून में देरी हो रही है?

फिलहाल यही सबसे बड़ा मौसम अपडेट है.

पहले उम्मीद थी कि मॉनसून 26 मई तक केरलम पहुंच सकता है. लेकिन IMD ने साफ किया है कि 26 मई को मॉनसून केरल में officially enter नहीं करेगा. हालांकि, हल्की बारिश जारी रह सकती है

आखिर मॉनसून कहां अटक गया?

मॉनसून सिर्फ बारिश से तय नहीं होता. इसके लिए जरूरी हैं:

  • मजबूत समुद्री हवाएं
  • moisture flow
  • cloud organization
  • consistent rainfall pattern

इस बार अरब सागर में हवाएं पूरी तरह स्टेबल नहीं हैं. मॉनसूनी cloud band पूरी तरह organize नहीं हुआ. इसलिए IMD अभी official onset घोषित नहीं कर रहा.

सवाल 4: अगले कुछ दिन मौसम कैसा रहेगा?

IMD के मुताबिक:

  • उत्तर भारत
  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • यूपी
  • राजस्थान

में Heatwave अगले कई दिन जारी रह सकती है.

पूर्वोत्तर भारत

  • असम
  • मेघालय
  • अरुणाचल
  • नागालैंड

में भारी बारिश का अलर्ट है.

दक्षिण भारत

  • केरलम
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • तटीय आंध्र प्रदेश

में Pre-Monsoon Activity बढ़ सकती है.

सवाल 5: उत्तर भारत को राहत कब मिलेगी?

यही करोड़ों लोगों का सवाल है. IMD के मुताबिक केरलम पहुंचने के बाद मॉनसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में 4-6 हफ्ते लग सकते हैं. यानी दिल्ली, यूपी, राजस्थान और एमपी को जून के चौथे हफ्ते तक इंतजार करना पड़ सकता है.

सवाल 6: क्या इस बार बारिश भी कमजोर रह सकती है?

फिलहाल मौसम एजेंसियां El Nino की आशंका पर नजर रख रही हैं. El Nino वह स्थिति है जब प्रशांत महासागर का पानी ज्यादा गर्म हो जाता है. वैश्विक मौसम पैटर्न बदल जाते हैं और भारतीय मॉनसून कमजोर पड़ सकता है.

NOAA के मुताबिक जुलाई-सितंबर 2026 के बीच El Nino बनने की संभावना 70% से ज्यादा है. अगर स्थिति और मजबूत हुई, तो “Super El Nino” जैसे हालात बन सकते हैं.

पिछली बार Super El Nino में क्या हुआ था?

2015-16 में:

  • सामान्य से कम बारिश हुई
  • कई हिस्सों में सूखा पड़ा
  • फसलें प्रभावित हुईं
  • खाने-पीने की महंगाई बढ़ी

इसीलिए इस बार वैज्ञानिक ज्यादा सतर्क हैं.

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप उत्तर भारत में हैं तो अगले 2-3 हफ्ते बेहद मुश्किल हो सकते हैं. Heatstroke और dehydration का खतरा बढ़ेगा. अगर आप किसान हैं तो मॉनसून टाइमिंग पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा. खरीफ प्लानिंग प्रभावित हो सकती है. अगर आप शहर में रहते हैं तो बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर जा सकती है. पानी का संकट बढ़ सकता है.

आखिर सबसे बड़ा डर क्या है?

इस समय सबसे बड़ी चिंता यही है कि “Heatwave लंबी खिंचती दिख रही है, जबकि मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.” यानी गर्मी ज्यादा, राहत देर से और ऊपर से कमजोर बारिश का खतरा. इन तीनों ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है.

काम की बात

मई 2026 सिर्फ एक गर्म महीना नहीं, बल्कि क्लाइमेट प्रेशर की बड़ी चेतावनी बनता दिख रहा है. Heatwave, Heat Dome, delayed monsoon और El Nino जैसे फैक्टर्स मिलकर इस बार मौसम को बेहद असामान्य बना रहे हैं. अब पूरे देश की नजर सिर्फ एक चीज पर है आखिर मॉनसून कब रफ्तार पकड़ेगा और इस तपती धरती को राहत कब मिलेगी?

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