पीएम मोदी की अपील के बाद कर्मचारियों को सख्त निर्देश, इस यूनिवर्सिटी ने लागू किया 'कार पूलिंग' नियम

प्रधानमंत्री की अपील के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण और ईंधन बचाने के लिए 'कार पूलिंग' को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है. कुलपति के आदेशानुसार, एक ही इलाके में रहने वाले कर्मचारियों को एक साथ वाहन साझा करने के निर्देश दिए गए हैं.
पीएम मोदी की अपील के बाद कर्मचारियों को सख्त निर्देश, इस यूनिवर्सिटी ने लागू किया 'कार पूलिंग' नियम

गुजरात यूनिवर्सिटी की शानदार पहल! प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद यूनिवर्सिटी ने 'कार पूलिंग' को लेकर जारी किया सर्कुलर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हैदराबाद में की गई 'आर्थिक देशभक्ति' और ईंधन बचत की अपील का असर अब शैक्षणिक संस्थानों में भी दिखने लगा है. इसी कड़ी में गुजरात यूनिवर्सिटी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 'कार पूलिंग' (Car Pooling) अनिवार्य करने का परिपत्र (Circular) जारी किया है.

यूनिवर्सिटी प्रशासन का यह फैसला न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल है, बल्कि यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के प्रधानमंत्री के विजन को भी मजबूती देता है.

यूनिवर्सिटी का 'ग्रीन' फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और ईंधन के बढ़ते आयात बिल को देखते हुए नागरिकों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की थी. इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुजरात यूनिवर्सिटी ने तत्काल प्रभाव से नए निर्देश लागू किए हैं.

कार पूलिंग और साझा यात्रा

यूनिवर्सिटी ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सलाह दी है कि जो सहकर्मी एक ही इलाके या आस-पास रहते हैं, वे अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही वाहन में 'कार पूलिंग' के जरिए ऑफिस आएं. इससे न केवल परिसर में पार्किंग का दबाव कम होगा, बल्कि पेट्रोल-डीजल की भी बड़ी बचत होगी.

सार्वजनिक और इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा

परिपत्र में कर्मचारियों से निजी वाहनों की जगह पर मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस (AMTS/BRTS) और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग करने का विशेष आग्रह किया गया है. यूनिवर्सिटी परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी.

ऑनलाइन कामों पर जोर

बेवजह की आवाजाही को कम करने और कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी ने डिजिटल माध्यमों और ऑनलाइन कार्य को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. मीटिंग्स और प्रशासनिक कार्यों को जहां संभव हो, वर्चुअल मोड में करने पर जोर दिया गया है.

तत्काल कार्यान्वयन

कुलपति (Vice Chancellor) के आदेश के बाद यह सर्कुलर यूनिवर्सिटी के सभी विभागों, भवनों और प्रशासनिक कार्यालयों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. यूनिवर्सिटी का मानना है कि इस पहल से न केवल ईंधन बचेगा, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी.

Conclusion

गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणा है. जब देश के बड़े संस्थान इस तरह की जिम्मेदारी उठाते हैं, तो इसका संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है. प्रधानमंत्री की 'आर्थिक देशभक्ति' की अपील को धरातल पर उतारने की यह शुरुआत भविष्य में एक बड़ी बचत और हरित क्रांति का आधार बनेगी.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 कार पूलिंग क्या होती है?

जब दो या दो से ज्यादा लोग कहीं जाने के लिए अपनी-अपनी कार के बजाय एक दूसरे साथ एक ही कार में जाते हैं, तो इसे कार पूलिंग कहते हैं.

Q2 क्या कार पूलिंग से ईंधन की वास्तविक बचत होती है?

हां, एक ही वाहन में 4-5 लोगों के सफर करने से ईंधन की खपत में भारी कमी आती है और यातायात का दबाव भी घटता है.

Q3 क्या ऑनलाइन काम से उत्पादकता बढ़ती है?

हां, यात्रा का समय बचने से कर्मचारी अपने काम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और ऊर्जा की भी बचत होती है.

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