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गैस और तेल की किल्लत पर सरकार ने आंकड़ों के साथ बताया जमीनी हाल. (Imge Source- AI)
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और गलियों में एक ही चर्चा थी कि क्या देश में तेल खत्म होने वाला है? क्या गैस की किल्लत होने वाली है? इन तमाम अफवाहों और सवालों पर विराम लगाने के लिए सरकार के बड़े अधिकारी एक साथ सामने आए.
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें एक-एक पॉइंट पर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया गया. अगर आप भी इस बात को लेकर परेशान थे कि गाड़ी की टंकी फुल करानी चाहिए या नहीं, तो यह खबर आपके लिए ही है. सरकार ने साफ कर दिया है कि घबराने की कोई बात नहीं है, बस जरूरत है तो थोड़ी समझदारी की.
सुजाता शर्मा ने बहुत ही भरोसे के साथ बताया कि देश के पास कच्चे तेल यानी क्रूड का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हमारी रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कहीं भी कोई रुकावट नहीं है. सरकार ने स्पष्ट किया कि देश का कोई भी डिपो या पेट्रोल पंप 'ड्राई आउट' यानी खाली नहीं हुआ है.
इतना ही नहीं, सरकार अब लोगों को पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट होने के लिए प्रमोट कर रही है और इसके लिए कई शानदार ऑफर भी दिए जा रहे हैं. पाइपलाइन के इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने के लिए 'डीम्ड अप्रूवल' जैसी व्यवस्था की गई है ताकि काम रुके नहीं. अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्किंग आवर्स बढ़ाएं ताकि जनता को कोई दिक्कत न हो.
गैस सिलिंडर को लेकर लोगों में थोड़ी घबराहट जरूर देखी गई थी, जिसे आंकड़ों में 'पैनिक बुकिंग' कहा जाता है. सुजाता शर्मा ने बताया कि 13 मार्च को लगभग 89 लाख बुकिंग हुई थी, जो अब घटकर 70 लाख के करीब आ गई है. यह एक अच्छी बात है कि लोग अब धैर्य रख रहे हैं. 13 मार्च को 62 लाख एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एलपीजी को लेकर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. सरकार का कहना है कि अगर हम समझदारी से उपभोग करें और ऑल्टरनेट फ्यूल यानी वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ें, तो हमारी निर्भरता घटेगी और सिस्टम पर दबाव कम होगा.
सरकार सिर्फ आश्वासन नहीं दे रही, बल्कि जमीन पर सख्त कार्रवाई भी कर रही है. होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए राज्यों की भूमिका को अहम बताया गया है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 16 मार्च तक भारी एक्शन लिया गया है-
कमर्शियल एलपीजी के लिए 7 राज्यों ने नया सिस्टम बनाकर आवंटन शुरू कर दिया है. वहीं केरोसिन के लिए भी 6 राज्यों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि जरूरतमंदों को परेशानी न हो.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और असीम महाजन ने विदेशी मोर्चे पर चल रही हलचल की जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि ईरान से किसी भी तरह के 'एक्सचेंज' या बदले में किसी जहाज (वेसल) की मांग को लेकर कोई बात नहीं हुई है. भारत सरकार का पूरा फोकस अपने नागरिकों की सुरक्षा पर है.
राजेश सिन्हा (विशेष सचिव, शिपिंग) ने बताया कि सभी भारतीय जहाज और उनमें सवार नागरिक सुरक्षित हैं. सरकार और काउंसलेट लगातार उनके संपर्क में हैं. पिछले 24 घंटे में 164 भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया है. 'नंदा देवी' नाम का शिप रात 2:30 बजे पहुंच चुका है और सामान उतारने का काम जारी है. जेएनपी (JNP) पर सिलिंडर बिखरे होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं, सभी सिलिंडर स्टोर में सुरक्षित रखे गए हैं.
विदेश मंत्रालय का कंट्रोल रूम दिन-रात काम कर रहा है. विदेश मंत्री इस समय ब्रसेल्स में हैं और दुनिया के बड़े नेताओं (बेल्जियम, साइप्रस, जर्मनी आदि) से बात कर रहे हैं. अच्छी खबर यह है कि अब इमरजेंसी कॉल्स में कमी आई है, जिसका मतलब है कि स्थिति कंट्रोल में है.
28 फरवरी से अब तक 2.4 लाख यात्रियों की वतन वापसी हो चुकी है. आज भी 70 नॉन-शेड्यूल फ्लाइट्स भारत आएंगी. आर्मेनिया और अजरबैजान में फंसे करीब 650 स्टूडेंट्स सुरक्षित पहुंच चुके हैं और बाकी बचे 50 लोगों को भी जल्द वापस लाया जाएगा.
सवाल 1: क्या देश में पेट्रोल और डीजल खत्म होने वाला है?
जवाब: बिल्कुल नहीं. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि हमारे पास क्रूड का पर्याप्त स्टॉक है और रिफाइनरी फुल कैपेसिटी में काम कर रही हैं.
सवाल 2: एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई को लेकर क्या स्थिति है?
जवाब: घरेलू एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई में कोई कमी नहीं है. हालांकि पैनिक बुकिंग की वजह से दबाव था, लेकिन अब बुकिंग के आंकड़े कम हो रहे हैं और सप्लाई सुचारू है.
सवाल 3: क्या सरकार ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए कुछ कर रही है?
जवाब: हां, सरकार ने 12,000 से ज्यादा छापेमारी की है और 15,000 सिलिंडर सीज किए हैं. तेल कंपनियां लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं.
सवाल 4: विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
जवाब: अब तक 2.4 लाख से ज्यादा यात्रियों को वापस लाया गया है. 70 विशेष फ्लाइट्स आज भारत पहुंच रही हैं और कंट्रोल रूम लगातार मदद दे रहा है.
सवाल 5: क्या ईरान के साथ किसी जहाज की अदला-बदली की बात हुई है?
जवाब: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरान से बदले में किसी वेसल की मांग या किसी एक्सचेंज पर कोई बात नहीं हुई है.