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सरकार ने सोने-चांदी के इम्पोर्ट पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है. (फोटो सोर्स: Freepik)
Gems & Jewellery: केंद्र सरकार ने फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की एक नोटिफेशन के मुताबिक, ये रोक तत्काल प्रभाव से लागू होंगे. यह रोक पहले से किए गए सौदों या भुगतान जैसी किसी भी शर्त के बावजूद लागू होगी.
ज़ी बिजनेस के सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के मुताबिक, सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी उत्पादों के आयात को फ्री कैटेगरी से हटाकर रेस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया है. यह कदम मुख्य रूप से FTA के जरिए हो रहे शुल्क चोरी और गलत आयात को रोकने के लिए उठाया गया है.
कुछ इम्पोर्टर्स फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का गलत फायदा उठाकर कम शुल्क में कीमती धातुओं का इम्पोर्ट कर रहे थे, जिससे सरकार को नुकसान और घरेलू इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ रहा था.
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सरकार ने Chapter-71 (Precious Metals & Jewellery) के तहत आने वाले सभी उत्पादों की इम्पोर्ट पॉलिसी को संशोधित कर दिया है. अब इन सभी के इम्पोर्ट पर रेस्ट्रिक्टेड कैटेगरी लागू होगा. इसमें शामिल हैं-

नहीं, सरकार ने कुछ क्षेत्रों को इससे बाहर रखा है-
हां, यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है. सबसे बड़ा झटका-
कुछ व्यापारी ASEAN देशों से ज्वेलरी के नाम पर बिना जेम्स-स्टोन वाले उत्पाद मंगाकर असल में कीमती धातुओं का इम्पोर्ट कर रहे थे. इससे कम ड्यूटी लग रही थी, सरकार को राजस्व नुकसान हो रहा था और घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे थे.
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यह मामला मुख्य रूप से ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशिया) और थाईलैंड जैसे देशों से जुड़े हैं. भारत-ASEAN FTA (2010) का इस्तेमाल करके टैरिफ गैप का फायदा उठाया जा रहा था.
फैसले की बड़ी बातें
| डीटेल्स | |
| सेक्टर | जेम्स एंड ज्वेलरी और कीमती धातु |
| इम्पोर्ट स्टेटस | रेस्ट्रिक्टेड |
| कब से लागू नियम | तुरंत |
| ट्रांजिशनल बेनिफिट्स | नहीं |
| कारण | FTA का दुरुपयोग रोकना |
| छूट | EOU, SEZ, Export schemes |
क्या इससे गहने महंगे हो जाएंगे?
इंडस्ट्री की चिंता है कि लाइसेंस प्रक्रिया जटिल हो सकती है. असली कारोबारियों को दिक्कत होगी. इम्पोर्ट लाइसेंसिंग को आसान बनाए जाने का सुझाव है.
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यह फैसला सिर्फ इम्पोर्ट कंट्रोल नहीं, बल्कि ट्रेड सिस्टम को साफ और पारदर्शी बनाने की कोशिश है. सरकार का साफ संदेश है- FTA का फायदा लो, दुरुपयोग नहीं.
Q1. क्या सोना-चांदी का इम्पोर्ट पूरी तरह बंद हो गया है?
नहीं, लेकिन अब यह Restricted कैटेगरी में आ गया है.
Q2. क्या पुराने ऑर्डर मान्य होंगे?
नहीं, किसी भी पुराने कॉन्ट्रैक्ट को छूट नहीं मिलेगी.
Q3. किन्हें छूट मिली है?
EOU, SEZ और एक्सपोर्ट स्कीम्स के तहत काम करने वालों को.
Q4. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य क्या है?
FTA के दुरुपयोग को रोकना.
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