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देश में तेल और गैस का भंडार फुल (Image Source- ANI)
मिडिल ईस्ट के हालातों और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है. देश के आम नागरिक के मन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर जो भी आशंकाएं थीं, उन्हें दूर करने के लिए आज दिल्ली में एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई.
इसमें विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय, शिपिंग और सूचना प्रसारण मंत्रालय के आला अधिकारी एक साथ मंच पर आए. सबका एक ही संदेश था कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और किसी को भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देश को आश्वस्त करते हुए बताया कि हमारे पास क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. उन्होंने कुछ अहम बातें साझा कीं:
रिफाइनरी की स्थिति: देश की सभी रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता (Full Capacity) के साथ काम कर रही हैं.
सप्लाई चैन: कहीं भी 'ड्राई आउट' यानी तेल खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है. पेट्रोल पंपों पर फ्यूल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है.
पीएनजी पर जोर: सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीएनजी कनेक्शन देने की रफ्तार बढ़ाएं. पिछले 3 हफ्तों में ही करीब 3.5 लाख नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं.
पैनिक बुकिंग: राहत की बात यह है कि अब लोगों में गैस खत्म होने का डर कम हुआ है और बेवजह की बुकिंग में कमी आई है.
सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को लेकर एक खास प्राथमिकता तय की है. राज्यों को 50% (20+10+20 के अनुपात में) कमर्शियल सप्लाई देने को कहा गया है. इसमें अस्पताल, स्कूल, होटल, रेस्तरां, ढाबा और राज्यों के कम्युनिटी किचेन को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आम जनजीवन और जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों.
सप्लाई को लेकर सख्ती दिखाते हुए सरकार ने भ्रष्ट तत्वों पर कड़ा एक्शन लिया है. अब तक की कार्रवाई के आंकड़े काफी बड़े हैं-
तेल कंपनियों (OMCs) ने औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 234 डीलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
सुजाता शर्मा ने एक बहुत बड़ी गलतफहमी दूर की है. सोशल मीडिया और बाजार में यह चर्चा थी कि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलिंडर में अब केवल 10 किलो गैस भरकर दी जा रही है. सरकार ने इसे पूरी तरह 'मनगढ़ंत' और 'अफवाह' करार दिया है. उन्होंने साफ कहा कि ऐसी खबरों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें, सप्लाई पूरी मात्रा के साथ ही की जा रही है.
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने समुद्री रास्तों और जहाजों की सुरक्षा पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हमारे सभी 22 जहाज और 600 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं. पिछले 48 घंटों में 13 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी भी कराई गई है.
बंदरगाहों की स्थिति: पोर्ट्स पर कार्गो मूवमेंट सामान्य है और कहीं भी जाम (Congestion) की खबर नहीं है.
कंटेनर स्पेस: पोर्ट्स पर कंटेनरों के लिए अतिरिक्त जगह का इंतजाम किया गया है ताकि व्यापार में कोई रुकावट न आए.
अपडेट: 92 लाख मीट्रिक टन (LMT) एलपीजी लेकर दो जहाज भारत की तरफ बढ़ रहे हैं, जिनकी लोकेशन का अपडेट जल्द साझा किया जाएगा.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत का पक्ष रखा. जब उनसे डोनाल्ड ट्रंप के उस पोस्ट के बारे में पूछा गया जिसमें ईरान पर हमले 5 दिन के लिए टालने की बात कही गई है, तो उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर बारीक नज़र रखे हुए है. भारत का प्राथमिक उद्देश्य अपने नागरिकों की सुरक्षा और जहाजों का सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करना है, जिसके लिए बातचीत का दौर जारी है.
Q: क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कमी होने वाली है?
A: बिल्कुल नहीं. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और सभी रिफाइनरी फुल कैपेसिटी में काम कर रही हैं.
Q: क्या 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलिंडर में गैस कम की गई है?
A: नहीं, यह पूरी तरह से एक अफवाह है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि बड़े सिलिंडर में कम गैस देने की खबर मनगढ़ंत है.
Q: समुद्री रास्तों पर भारतीय जहाजों और नाविकों की क्या स्थिति है?
A: शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, हमारे सभी 22 जहाज और 600 नाविक सुरक्षित हैं. कार्गो मूवमेंट में कोई रुकावट नहीं है.
Q: कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
A: सरकार ने 37,000 रेड की हैं और 500 लोगों को हिरासत में लिया है. नियमों का उल्लंघन करने वाले 234 डीलर्स को नोटिस दिया गया है.
Q: मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत का क्या स्टैंड है?
A: विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत हर गतिविधि पर नज़र रखे हुए है और नागरिकों व जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बातचीत जारी है.