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पेट्रोल-डीजल और LPG की किल्लत की खबरों पर आया सरकार का बयान.
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और गलियों में एक ही चर्चा है कि क्या देश में पेट्रोल और डीजल खत्म होने वाला है. इस चर्चा ने लोगों के बीच ऐसी घबराहट पैदा कर दी कि पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगने लगीं. लेकिन अब सरकार ने खुद सामने आकर सारी स्थिति साफ कर दी है. पेट्रोलियम सचिव और उपभोक्ता मामलों के सचिव ने राज्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है और संदेश बिल्कुल साफ है- देश के सभी पंपों पर पर्याप्त मात्रा में तेल मौजूद है.
घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन इस बीच एक चेतावनी भी दी गई है. अगर कोई 'लूज' यानी बोतलों या डिब्बों में पेट्रोल-डीजल बेचता पाया गया, तो उस पंप की डीलरशिप तुरंत सस्पेंड कर दी जाएगी. सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए और लोग अफवाहों का शिकार होकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें.
सरकार ने स्वीकार किया है कि एलपीजी यानी रसोई गैस को लेकर थोड़ी चिंता जरूर है. आंकड़ों की मानें तो रोजाना होने वाली बुकिंग 55 लाख से बढ़कर सीधे 75 लाख तक पहुंच गई है. लोग डर के मारे एडवांस में सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिसे 'पैनिक बाइंग' कहा जाता है.
लेकिन राहत की बात यह है कि इतनी भारी डिमांड के बावजूद देश में कहीं भी 'ड्राई आउट' यानी गैस पूरी तरह खत्म होने की रिपोर्ट नहीं आई है. सरकार ने आदेश दिया है कि एलपीजी लाने वाले जहाजों (Vessels) को पोर्ट पर प्राथमिकता दी जाए. इसके लिए 'प्रायोरिटी बर्थिंग' के निर्देश दिए गए हैं ताकि गैस की सप्लाई में एक मिनट की भी देरी न हो.
जब भी ऐसी स्थिति बनती है, कुछ लोग फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. सरकार ने ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग (जमाखोरी) को रोकने के लिए कमर कस ली है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर नजर रखें. साथ ही, तेल कंपनियों (OMCs) के कॉल सेंटर्स में लोगों की संख्या और सीटें बढ़ा दी गई हैं ताकि उपभोक्ताओं की हर शिकायत और सवाल का तुरंत समाधान हो सके.
खाड़ी क्षेत्र (Gulf Area) में चल रहे तनाव के बीच भारत अपने नाविकों को लेकर भी अलर्ट है. राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पश्चिम में 24 और पूर्व में 4 भारतीय जहाज मौजूद हैं. 'जग प्रकाश' नाम का एक जहाज वहां से सुरक्षित निकलकर आगे बढ़ रहा है.
लगभग 23000 भारतीय नाविक इस वक्त गल्फ एरिया में हैं और सरकार उनके साथ लगातार संपर्क में है. डीजी शिपिंग ने सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है. सभी जहाजों और नाविकों को स्थानीय प्रशासन और भारतीय मिशन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. सुरक्षा ड्रिल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके.
भारत के सभी पोर्ट्स पर काम पूरी तरह स्टेबल है और कहीं कोई रुकावट नहीं है. सरकार ने सभी संबंधित विभागों के लिए एक प्रॉपर एसओपी (SoP) जारी कर दी है. सभी को एक समन्वित (Coordinated) तरीके से काम करने को कहा गया है ताकि कच्चे तेल और गैस की आवक में कोई बाधा न आए.
सरकार की ओर से आम जनता के लिए तीन बहुत ही सरल अपील की गई हैं-