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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दूसरे ऋणदाता (lender) इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं. (फाइल फोटो: पीटीआई)
Jan Samarth: केंद्र सरकार जल्द ही विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के लिए एक कॉमन पोर्टल ‘जन समर्थ’ शुरू करने जा रही है. सरकार का मानना है कि इस कॉमन पोर्टल से आम लोगों के जीवन को आसान किया जा सकेगा. सूत्रों ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के ‘न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन’ (minimum government maximum governance) के तहत नए पोर्टल पर शुरुआत में सरकार की क्रेडिट से जुड़ी 15 योजनाओं (15 credit-linked) को शामिल किया जाएगा. इस पोर्टल का धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा. यह विस्तार पोर्टल के काम करने के आधार पर होगा, क्योंकि केंद्र सरकार स्पॉन्सर्ड कुछ स्कीम्स में कई एजेंसियां शामिल रहती हैं.
चल रही है टेस्टिंग
उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और लोन से जुड़ी पूंजी सब्सिडी योजना (CLCSS) अलग-अलग मंत्रालयों के तहत आती हैं. सूत्रों ने कहा कि, प्रस्तावित पोर्टल का उद्देश्य इन योजनाओं को एकल प्लेटफॉर्म पर लाना है. इससे लाभार्थियों की इन योजनाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी. सूत्रों ने बताया कि इस पोर्टल की पायलट टेस्टिंग चल रही है. पोर्टल में जो कमियां हैं उन्हें दूर किया जा रहा है. उसके बाद इस पोर्टल को लॉन्च किया जाएगा. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दूसरे ऋणदाता (lender) इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि इस पोर्टल का ढांचा खुला होगा. राज्य सरकारें और दूसरे संस्थान भी भविष्य में इसपर अपनी योजनाएं डाल सकेंगे.
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2018 में शुरू किया था पोर्टल
कर्ज लेने वाले ग्राहकों को राहत के लिए सरकार ने 2018 में विभिन्न ऋण योजनाओं के लिए एक पोर्टल http://psbloansin59minutes.com शुरू किया था. इनमें एमएसएमई, आवास, वाहन और पर्सनल लोन है. इस पोर्टल पर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम ( MSME) और अन्य लोगों के लिए ऋण को विभिन्न सरकारी बैंकों द्वारा 59 मिनट में मंजूरी दी जाती है, जबकि पहले इसमें 20 से 25 दिन का समय लगता था. सैद्धान्तिक मंजूरी के बाद लोन का वितरण सात-आठ कार्य दिवसों में किया जाता है.
कर्ज की सैद्धान्तिक मंजूरी के लिए एमएसएमई को किसी तरह के दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होती. इस मंच को कर्ज लेने वालों की एलिजिबिलिटी की जांच के लिए एमएसई के लोन गारंटी कोष न्यास (CGTMSE) के साथ इंटीग्रेट किया गया है. इस पोर्टल की शुरुआत के दो माह में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के 37,412 करोड़ रुपये के ऋण के 1.12 लाख ऋण आवेदनों को सैद्धान्तिक मंजूरी दी थी.