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Petrol-Diesel पर सरकार ने दिया बड़ा झटका!
देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए ईंधन बिक्री के नियमों में बदलाव कर दिया है. इसके बाद कई तरह के उपभोक्ता अब सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल नहीं खरीद पाएंगे. सरकार का कहना है कि यह फैसला सप्लाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लिया गया है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Essential Commodities Act, 1955 के तहत यह आदेश जारी किया है. सरकार के मुताबिक दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई चेन और शिपिंग व्यवस्था प्रभावित हुई है.

इसके अलावा देश के कुछ हिस्सों में रिटेल और बल्क कीमतों के अंतर के कारण औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता बड़ी मात्रा में रिटेल पंपों से ईंधन खरीद रहे थे. इससे सामान्य सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका थी.
नए आदेश के तहत Institutional, Direct, Industrial और Commercial उपभोक्ता अब रिटेल पेट्रोल पंपों से Motor Spirit (Petrol) और High Speed Diesel (Diesel) नहीं खरीद सकेंगे. इन उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन केवल Consumer Pumps से लेना होगा.
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सरकार ने रिटेल पंपों से डीजल बिक्री पर भी सीमा तय कर दी है.
सरकार का मानना है कि इससे जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
सरकार ने IOC, BPCL, HPCL और दूसरी Oil Marketing Companies को आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. पेट्रोल पंप संचालकों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई व्यक्ति नियमों को दरकिनार करके ईंधन न खरीद सके.
सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश शुरुआती तौर पर अधिकतम 90 दिनों तक लागू रहेगा. हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है या पहले भी वापस लिया जा सकता है. सरकार विशेष आदेश जारी कर किसी क्षेत्र, उपभोक्ता या लेनदेन को छूट भी दे सकती है.
नियमों के पालन के लिए सरकार ने अधिकृत अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और तेल कंपनियों के अधिकारियों को Search & Seizure यानी जांच और जब्ती की शक्ति दी है.
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध खरीद और ईंधन की हेराफेरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर Essential Commodities Act, 1955 और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
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| शहर | पेट्रोल कीमत |
| नई दिल्ली | ₹102.12 |
| मुंबई | ₹111.18 |
| कोलकाता | ₹113.47 |
| चेन्नई | ₹107.87 |
| हैदराबाद | ₹115.69 |
| जयपुर | ₹113.15 |
| पटना | ₹114.24 |
सरकार का यह आदेश मुख्य रूप से बड़े औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर जारी किया गया है. आम वाहन चालकों के लिए फिलहाल पेट्रोल और डीजल खरीदने की प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है.
हालांकि रिटेल पंपों पर डीजल बिक्री को लेकर निगरानी बढ़ेगी और बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वालों पर नई पाबंदियां लागू होंगी. आने वाले दिनों में इस आदेश का असर ईंधन वितरण व्यवस्था और बाजार की गतिविधियों पर नजर आ सकता है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Essential Commodities Act क्या है?
यह एक कानून है जिसके जरिए सरकार जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई को नियंत्रित कर सकती है.
Q2 कालाबाजारी का ईंधन बाजार पर क्या असर पड़ता है?
इससे सप्लाई प्रभावित हो सकती है और आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
Q3 Consumer Pump और Retail Pump में क्या अंतर होता है?
Consumer Pump आमतौर पर विशेष उपभोक्ताओं की जरूरतों के लिए होता है, जबकि Retail Pump आम जनता के लिए खुला रहता है.
Q4 PESO-अनुमोदित कंटेनर क्या होते हैं?
ये ऐसे कंटेनर होते हैं जिन्हें ईंधन भंडारण और परिवहन के लिए सुरक्षा मानकों के अनुसार मंजूरी मिली होती है.
Q5 सरकार अस्थायी आदेश क्यों जारी करती है?
विशेष परिस्थितियों में सप्लाई और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे आदेश लागू किए जाते हैं.