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केंद्र सरकार ने सोमवार को जनगणना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. राजपत्र में बताया गया है कि जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि पहला चरण 1 अक्टूबर, 2026 से शुरू होगा, जिसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल होंगे, जबकि दूसरा चरण 1 मार्च, 2027 से शुरू होगा.
यह पहली बार है, जब जाति गणना को जनगणना में शामिल किया जा रहा है. हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र ने जाति आधारित गणना को मंजूरी दी थी, ताकि सरकार बेहतर नीतियां बना सके और इन्हें लक्ष्य-आधारित कर सके. हालांकि, जाति आधारित गणना की मंजूरी ने राजनीतिक विवाद भी पैदा किया. कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी सरकार को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के उनके विचार को शामिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा. वहीं, भाजपा ने विपक्ष का मजाक उड़ाया और कहा कि विपक्ष पिछड़े वर्गों का चैंपियन होने का दावा करता है, लेकिन असल में एनडीए सरकार ही जमीनी स्तर पर बदलाव ला रही है.
पिछली बार जनगणना 2011 में की गई थी, जो दो चरणों में हुई थी. हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO): 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2010 तक, जनसंख्या गणना (Population Enumeration): 9 से 28 फरवरी 2011 तक और हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमवाली क्षेत्रों में यह कार्य 11 से 30 सितंबर 2010 के बीच हुआ था. बता दें कि भारत में जनगणना हर 10 साल में एक बार आयोजित की जाती है और इसे जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत संचालित किया जाता है.
भारत सरकार ने 2021 में भी जनगणना आयोजित करने की योजना बनाई थी और उसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं. पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 के बीच और दूसरा चरण फरवरी 2021 में होना था. लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते यह प्रक्रिया स्थगित कर दी गई. अब जनगणना 2027 में भारत की जनसंख्या के साथ-साथ जातियों की भी गणना की जाएगी, जो सामाजिक कल्याण और नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
केंद्र द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया, "केंद्रीय सरकार, जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारत के राजपत्र असाधारण, भाग 2, खंड 3 उपखंड (ii) तारीख 28 मार्च, 2019 में प्रकाशित भारत सरकार के गृह मंत्रालय (भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय) की अधिसूचना संख्यांक का. आ. 1455(अ) तारीख 26 मार्च, 2019 के अधिक्रमण में, उन बातों के सिवाय, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है, यह घोषणा करती है कि भारत की जनसंख्या की जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी."
इसमें आगे कहा गया है, "उक्त जनगणना के लिए संदर्भ तारीख, संघ राज्यक्षेत्र लद्दाख के और संघ राज्यक्षेत्र जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के सिवाय, मार्च, 2027 के पहले दिन के 00:00 बजे होगी. संघ राज्यक्षेत्र लद्दाख के लिए और संघ राज्यक्षेत्र जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तारीख अक्तूबर, 2026 के पहले दिन के 00:00 बजे होगी."