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कपड़ा उद्योग (Textile Industry) से जुड़ी कंपनियों और निवेशकों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (Production Linked Incentive–PLI) स्कीम के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी है.
अगस्त 2025 में जब आवेदन मंगाए गए थे तो इंडस्ट्री से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. सिर्फ एक महीने में ही 22 नए एप्लिकेशन आए. अब सरकार ने निवेशकों की डिमांड देखते हुए एप्लिकेशन विंडो फिर से खोलने का फैसला किया है.
PLI स्कीम को सितंबर 2021 में नोटिफाई किया गया था और दिसंबर 2021 में इसकी गाइडलाइन जारी की गई थी. इसका मकसद भारत में मैन मेड फाइबर (MMF) अपैरल, MMF फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेक्टर को बढ़ावा देना है.
इस स्कीम के तहत कंपनियों को उनके उत्पादन पर इंसेंटिव दिया जाता है. इसका फायदा यह है कि कंपनियां ज्यादा निवेश करती हैं और भारत में मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) बढ़ती है.
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 74 कंपनियों को इस स्कीम का फायदा मिला है. इन निवेशों से टेक्सटाइल्स प्रोडक्ट्स की पूरी वैल्यू चेन में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी.
| पैरामीटर | आंकड़े |
|---|---|
| चुनी गई कंपनियां | 74 |
| निवेश (Committed Investment) | ₹28,711 करोड़ |
| सेक्टर | MMF अपैरल, फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल्स |
| अप्लिकेशन विंडो | 30 सितंबर 2025 तक |
आवेदन की नई आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 तय की गई है. आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल pli.texmin.gov.in पर ही लिए जाएंगे. 30 सितंबर के बाद कोई भी एप्लिकेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि इंडस्ट्री से जबरदस्त डिमांड आई है. अगस्त 2025 में 22 नए आवेदन मिले थे. इससे साफ है कि निवेशक भारत के टेक्सटाइल्स सेक्टर में बड़ा अवसर देख रहे हैं. बढ़ती मार्केट डिमांड और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग (Domestic Manufacturing) पर भरोसे ने भी निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ाया है.
नए निवेश से लाखों रोजगार पैदा होंगे. भारत टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट में और मजबूत हो सकेगा. घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता बढ़ेगी और इंपोर्ट (Import) घटेगा. टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे हाई-टेक प्रोडक्ट्स में भारत ग्लोबल प्लेयर बन सकता है.
PLI स्कीम सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए नहीं है. छोटे और मझोले निवेशक भी इसमें हिस्सा लेकर फायदा उठा सकते हैं. सरकार की ओर से दिए जा रहे इंसेंटिव्स उन्हें ज्यादा प्रोडक्शन करने के लिए प्रेरित करेंगे. टेक्सटाइल्स वैल्यू चेन के हर हिस्से में अपॉर्च्युनिटी बनेगी.
PLI स्कीम फॉर टेक्सटाइल्स ने कपड़ा उद्योग को एक नया बूस्ट दिया है. अब सरकार ने आवेदन की समय सीमा 30 सितंबर 2025 तक बढ़ाकर निवेशकों को एक और मौका दिया है. इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि भारत ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा.
सितंबर 2021 में नोटिफाई और दिसंबर 2021 में गाइडलाइन जारी हुई थी.
74 कंपनियां पहले ही जुड़ चुकी हैं.
करीब ₹28,711 करोड़ का निवेश हुआ है.
30 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.
pli.texmin.gov.in पोर्टल पर.
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