GIFT City को ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने की तैयारी तेज, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की हाई लेवल समीक्षा बैठक

GIFT City में हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की वैश्विक वित्तीय महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करने पर जोर दिया. बैठक में बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, इंश्योरेंस, फिनटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई.
GIFT City को ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने की तैयारी तेज, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की हाई लेवल समीक्षा बैठक

GIFT City को ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने की तैयारी तेज.

गुजरात के गांधीनगर स्थित GIFT City को दुनिया के बड़े इंटरनेशनल फाइनेंशियल हब्स की कतार में खड़ा करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है. केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को GIFT City में हाई लेवल समीक्षा बैठक की, जिसमें कई बड़े अधिकारियों और संस्थाओं ने हिस्सा लिया. बैठक में GIFT City की मौजूदा प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई.

GIFT City में हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक

बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, गुजरात सरकार, इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी और GIFT City के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

इसके अलावा व्यय विभाग के सचिव वी. वुअलनम, आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर, राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, GIFT City के चेयरमैन उदय कोटक और IFSCA के चेयरमैन के. राजारामन भी बैठक में शामिल हुए.

बैंकिंग से लेकर फिनटेक तक कई सेक्टरों पर चर्चा

समीक्षा बैठक के दौरान GIFT City में बैंकिंग, कैपिटल मार्केट, फंड मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और रीइंश्योरेंस, एयरक्राफ्ट और शिप लीजिंग, फिनटेक, बुलियन एक्सचेंज, इंटरनेशनल एजुकेशन और अन्य सेवाओं में हुई प्रगति को लेकर प्रेजेंटेशन दिए गए.

इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, टैलेंट इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, टैक्सेशन फ्रेमवर्क, रेजिडेंशियल इकोसिस्टम और GIFT City को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदमों पर भी चर्चा हुई.

GIFT City में 1150 से ज्यादा संस्थाएं कर रहीं काम

बैठक में बताया गया कि GIFT City में फिलहाल 1150 से ज्यादा संस्थाएं वित्तीय सेवाओं, टेक्नोलॉजी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम कर रही हैं. यहां बैंकिंग एसेट्स 110 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा हो चुके हैं, जबकि फंड मैनेजमेंट गतिविधियों के तहत कैपिटल कमिटमेंट 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंच गया है.

GIFT City के इकोसिस्टम में 37 बैंकिंग यूनिट्स, 217 फंड मैनेजमेंट एंटिटीज, 36 इंश्योरेंस कंपनियां, 35 एयरक्राफ्ट लेसर्स और 36 शिप लीजिंग एंटिटीज शामिल हैं. इसके अलावा यहां इंटरनेशनल एक्सचेंज, फिनटेक कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय भी मौजूद हैं.

निर्मला सीतारमण ने बताई GIFT City की रणनीतिक अहमियत

समीक्षा बैठक के बाद अपने संबोधन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि GIFT City भारत को वैश्विक वित्तीय बाजारों से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत आज स्केल, टेक्नोलॉजी, टैलेंट और ग्रोथ अवसरों का एक मजबूत संयोजन दुनिया को ऑफर कर रहा है. GIFT City भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक बनकर उभरा है.

वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए फैसलों को तेजी से जमीन पर उतारना जरूरी है ताकि वास्तविक बदलाव दिखाई दें. उन्होंने कहा कि अब तक हुई प्रगति उत्साहजनक है और सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय GIFT City को और मजबूत बनाएगा.

प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने पर जोर

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने भी बैठक के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के GIFT IFSC विजन को तेजी से जमीन पर उतारने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इसके लिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स को जोड़ना और वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना बेहद जरूरी है. उन्होंने अब तक किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि GIFT City को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार काम जारी रखना होगा.

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