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इमेज सोर्स- एआई
होली का त्योहार आने वाला है. चारों तरफ रंगों की बहार और स्वादिष्ट मिठाइयों की खुशबू फैलने लगी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस दूध या खोए से आप मिठाई बना रहे हैं, क्या वह वाकई शुद्ध है? त्योहारों के आते ही बाजार में मिलावट का खेल तेज हो जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए एफएसएसएआई (FSSAI) ने अब मिलावटखोरों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है.
गंगटोक में हुई हालिया बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि इस बार की होली सुरक्षित और शुद्ध होगी. सीईओ रजित पुन्हानी ने सभी राज्यों को चेतावनी दी है कि वे सतर्क हो जाएं और किसी भी हाल में खाने की चीजों के साथ समझौता न होने दें.
होली पर इस्तेमाल होने वाली चीजों में सबसे ज्यादा मिलावट की आशंका रहती है. इसलिए, FSSAI ने इन श्रेणियों को 'हाई-रिस्क' माना है-
FSSAI ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे 'स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव' यानी विशेष जांच अभियान चलाएं. जो भी कारोबारी नियमों के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन पर न सिर्फ सख्त कार्रवाई हो, बल्कि उसकी जानकारी भी जनता को दी जाए.
होली से पहले ही राज्यों को खाली पड़े फूड सेफ्टी ऑफिसर्स के पदों को भरने को कहा गया है ताकि जांच की गति धीमी न पड़े. इसके अलावा, डेटा का इस्तेमाल करके यह पता लगाया जा रहा है कि किस इलाके में शिकायतों की संख्या ज्यादा है. इससे प्रशासन का समय बचेगा और वे सीधे मिलावटखोरों के अड्डों तक पहुंच सकेंगे.
एफएसएसएआई ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि अगर कोई ग्राहक खाने की किसी चीज को लेकर शिकायत करता है, तो उसका समाधान एक तय समय सीमा के अंदर हो. समय-समय पर बड़े अधिकारियों द्वारा इन शिकायतों का रिव्यू किया जाएगा ताकि कोई भी मामला लटका न रहे.