Zee Business की खबर पर मुहर लगने के बाद  एक और एक्शन, फूड रेगुलेटर ने लाइसेंस में जोड़ी नई शर्त

FSSAI ने सभी ई कॉमर्स, क्विक कॉमर्स कंपनियों से Quarterly डाटा मांगा है. अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को Rejected और Expired फूड आइटम्स का ब्यौरा हर तिमाही अपडेट करना होगा.
Zee Business की खबर पर मुहर लगने के बाद  एक और एक्शन, फूड रेगुलेटर ने लाइसेंस में जोड़ी नई शर्त

खाद्य व्यवसाय संचालक अब कस्‍टमर्स को एक्सपायर और रिजेक्ट किए गए फूड आइटम्स नहीं बेच सकेंगे. Zee Business की खबर पर मुहर लगने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नई व्‍यवस्‍था शुरू की है. FSSAI ने सभी ई कॉमर्स, क्विक कॉमर्स कंपनियों से Quarterly डाटा मांगा है. अब खाद्य व्यवसाय संचालकों को Rejected और Expired फूड आइटम्स का ब्यौरा हर तिमाही अपडेट करना होगा.

जारी की गई एडवाइजरी

फूड रेगुलेटर के निर्देशों के मुताबिक अब कंपनियों को FIFO (First in, First Out), FEFO (First Expire First Out) के साथ कैटेगरी के आधार पर डाटा मेंटेन करना होगा. कंपनियां अब किसी आइटम की Rebranding/Relabeling नहीं कर सकतीं. सभी से अपनी वेबसाइट, पोर्टल पर जरूरी बदलाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है.

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45 दिन की एक्सपायरी मेंटेन करने के निर्देश हो चुका है जारी

बता दें‍ कि इसके पहले रेगुलेटर ने 45 दिन की एक्सपायरी मेंटेन करने के निर्देश 12 नवंबर को जारी किए थे. इसके तहत आपने घर का सामान ऑनलाइन मंगाया है तो वो खाद्य सामग्री एक्सपायरी के 45 दिन पहले वाली होनी चाहिए. अगर Expiry के नजदीक प्रोडक्ट आता है तो आप FSSAI पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसको लेकर FSSAI ने ऑनलाइन डिलीवरी का नया नियम जा‍री किया है. इस नियम के तहत कंपनियां एक्सपायरी डेट से 45 दिन पहले वाला माल ही डिलीवर कर सकेंगी, साथ ही प्रोडक्‍ट से जुड़े किसी गलत दावे को वेबसाइट/ऐप से हटाना होगा.

क्या होता था जिसके चलते की गई ये सख्ती?

ऑनलाइन कंपनियां कई बार सस्ते में फूड प्रोडक्ट देने के लिए कम एक्सपायरी/बची हुई सामग्री को डिलीवर कर रही थीं. प्रोडक्ट की लेबलिंग से छेड़छाड़ कर ऑफर दिए जाते थे. फूड प्रोडक्ट की डिलीवरी के बाद इसके विरुद्ध कार्रवाई और शिकायत की व्यवस्था नहीं थी.

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