Electoral Bonds की 30वीं किस्त को मिली सरकार की मंजूरी, 2 से 11 जनवरी तक यहां होगी चुनावी बॉन्ड की बिक्री

Electoral Bonds: सरकार ने पॉलिटिकल पार्टियों को चंदा देने के लिए चुनावी बॉन्ड की 30वीं किस्त को मंजूरी दे दी है. चुनावी बॉन्ड की पहली किस्त मार्च, 2018 में जारी की गई थी. 
Electoral Bonds की 30वीं किस्त को मिली सरकार की मंजूरी, 2 से 11 जनवरी तक यहां होगी चुनावी बॉन्ड की बिक्री

(Source: Pexels)

Electoral Bonds: सरकार ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए जारी होने वाले चुनावी बॉन्ड की 30वीं किस्त को मंजूरी दे दी है. इनकी बिक्री मंगलवार से शुरू होगी. राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए चुनावी बॉन्ड की व्यवस्था राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद दान के विकल्प के रूप में की गई थी. इसी क्रम में चुनावी बॉन्ड की 30वीं किस्त जारी की जा रही है. यह फैसला इस लिहाज से अहम है कि अप्रैल-मई में लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं. मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने में कुछ महीने ही रह गए हैं. चुनावी बॉन्ड की पहली किस्त मार्च, 2018 में जारी की गई थी.

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा, "बिक्री के 30वें चरण में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को दो जनवरी से 11 जनवरी तक अपनी 29 अधिकृत शाखाओं के माध्यम से चुनावी बॉन्ड जारी करने और उन्हें भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है."

इन शहरों में होगी चुनावी बॉन्ड की बिक्री

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चुनावी बॉन्ड को किसी पात्र राजनीतिक दल द्वारा केवल अधिकृत बैंक के बैंक खाते के माध्यम से भुनाया जाता है. SBI चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिए एकमात्र अधिकृत बैंक है. इसकी चुनावी बॉन्ड बिक्री के लिए अधिकृत शाखाओं में बेंगलुरु, लखनऊ, शिमला, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई शामिल हैं.

15 दिन के लिए वैलिड हैं चुनावी बॉन्ड

वित्त मंत्रालय ने कहा कि चुनावी बॉन्ड जारी होने की तारीख से 15 दिन के लिए वैध होंगे. वैधता अवधि खत्म होने के बाद बॉन्ड जमा किया जाता है तो किसी भी भुगतानकर्ता दल को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. बयान के मुताबिक किसी पात्र राजनीतिक दल द्वारा अपने खाते में जमा किया गया चुनावी बॉन्ड उसी दिन जमा किया जाएगा.

चुनावी बॉन्ड को भारतीय नागरिक या देश में स्थापित कंपनियां एवं संस्थाएं खरीद सकती हैं. पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में कम-से-कम एक प्रतिशत मत पाने वाले पंजीकृत राजनीतिक दल चुनावी बॉन्ड के जरिये चंदा ले सकते हैं.

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