'Operation White Hammer': ₹47 Cr के ड्रग साम्राज्य का भंडाफोड़, DRI ने आंध्र प्रदेश में पकड़ी केमिकल फैक्ट्री की आड़ में चल रही 'सीक्रेट' फैक्ट्री

आंध्र प्रदेश में DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. ऑपरेशन “White Hammer” के तहत 237 किलो अल्प्राजोलम और भारी मात्रा में केमिकल बरामद हुए.असल में करीब 47 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
'Operation White Hammer': ₹47 Cr के ड्रग साम्राज्य का भंडाफोड़, DRI ने आंध्र प्रदेश में पकड़ी केमिकल फैक्ट्री की आड़ में चल रही 'सीक्रेट' फैक्ट्री

आंध्र प्रदेश में अवैध तरीके से नशीली दवाएं बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है.असल में राजस्व खुफिया निदेशालय यानी DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सीक्रेट फैक्ट्री पर छापा मारा और भारी मात्रा में ड्रग्स और केमिकल जब्त किए है.इस पूरे ऑपरेशन को “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” नाम दिया गया था.

मिली जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई 11 और 12 मार्च 2026 को आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कोंडापल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया में की गई. यहां एक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की आड़ में बड़े पैमाने पर अल्प्राजोलम नाम की नशीली दवा बनाई जा रही थी.

सवाल: क्या होता है अल्प्राजोलम?

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अल्प्राजोलम एक साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जो NDPS एक्ट 1985 के तहत नियंत्रित श्रेणी में आता है और इसका अवैध निर्माण और कारोबार गंभीर अपराध माना जाता है.

47 करोड़ की ड्रग्स और भारी मात्रा में केमिकल बरामद

छापेमारी के दौरान DRI टीम को फैक्ट्री के अंदर पूरा औद्योगिक सेटअप मिला, जहां ड्रग्स बनाने का काम चल रहा था.
जांच में 237 किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद किया गया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 47 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

इसके अलावा अधिकारियों ने वहां से 800 किलोग्राम से ज्यादा कच्चा माल,2,860 लीटर अलग-अलग तरह के केमिकल, और बड़े स्तर की मशीनें जैसे रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज भी जब्त किए.

इन सबको देखकर अधिकारियों को साफ समझ आ गया कि यह कोई छोटा-मोटा काम नहीं था, बल्कि बड़े स्तर पर ड्रग्स बनाने की पूरी फैक्ट्री चल रही थी.

अनुभवी केमिस्ट चला रहा था पूरा नेटवर्क

शुरुआती जांच में अब तक ये सामने आया है कि इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे एक केमिस्ट का हाथ था, जिसे केमिकल और फार्मा सेक्टर में करीब 20 साल का अनुभव है.

बताया जा रहा है कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क खड़ा किया था. आरोपी का साथी हैदराबाद में कच्चा माल मंगाने और तैयार ड्रग्स की सप्लाई का काम संभालता था.

दोनों आरोपियों ने इस फैक्ट्री की जगह किराए पर ली थी और यहां गुपचुप तरीके से अल्प्राजोलम बनाने का काम चल रहा था.DRI ने कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है.

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“नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत बड़ी कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और पूरी योजना के साथ ऑपरेशन चलाया गया.

DRI के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में एजेंसी ने इसी तरह की खुफिया कार्रवाई करते हुए अब तक 8 अवैध ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बंद कराया है

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद देश को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना है.

ड्रग्स के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है इसलिए ऐसी गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. DRI ने साफ कहा है कि ड्रग्स बनाने और बेचने वाले नेटवर्क के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज और खासकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके.

FAQs

1. DRI ने यह कार्रवाई कहां की?
DRI ने आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कोंडापल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया में छापेमारी की

2. ऑपरेशन का नाम क्या था?
इस पूरी कार्रवाई को “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” नाम दिया गया था

3. छापे में कितनी ड्रग्स बरामद हुई?
DRI को छापे के दौरान करीब 237 किलोग्राम अल्प्राजोलम मिला, जिसकी कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये बताई जा रही है

4. क्या इस मामले में गिरफ्तारी हुई है?
हाँ, इस अवैध ड्रग फैक्ट्री से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है

5. अल्प्राजोलम क्या है?
अल्प्राजोलम एक साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जिसे NDPS एक्ट 1985 के तहत नियंत्रित किया जाता है


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