&format=webp&quality=medium)
नोएडा प्राधिकरण (Noida) ने रियल एस्टेट डेवलपर DLF को 15 दिन के भीतर 235 करोड़ रुपये का भुगतान करने का नोटिस जारी किया है. प्राधिकरण की ओर से यह नोटिस मॉल ऑफ इंडिया (Mall of India) की भूमि के मुआवजे पर जमीन के पिछले मालिक को मुआवजे के मामले जारी हुआ है. सेक्टर 18 में मॉल ऑफ इंडिया बना है. एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को कहा, हालांकि, डीएलएफ ने कहा कि उसे अभी नोटिस नहीं मिला है.
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ओर से यह कार्रवाई 5 मई को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद की गई है. शीष अदालत ने नोएडा प्राधिकरण को जमीन के पिछले मालिक वीराना रेड्डी को मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने पीटीआई से नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है.
एक अन्य सीनियर अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि DLF को 23 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था और राशि 15 दिन में लौटानी है. संपर्क करने पर डीएलएफ के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “हमें कोई नोटिस नहीं मिला है. एक बार जब हमें यह मिल जाएगा, हम इसकी समीक्षा करेंगे.”
DLF का मॉल ऑफ इंडिया नोएडा के कॉमर्शियल सेंटर सेक्टर 18 में है. जिस जमीन पर मॉल बनाया गया है, उसे नोएडा अथॉरिटी ने 2005 में वीराना रेड्डी से अधिग्रहित कर लिया था, जो यूपी सरकार के औद्योगिक विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. 7400 वर्ग मीटर की इस जमीन को बाद में डीएलएफ को नीलाम कर दिया गया था. एक अधिकारी के अनुसार, रेड्डी को मुआवजे का एक बड़ा हिस्सा बकाया है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें