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ऑयल मिनीस्ट्री ने इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है. (Dna)
मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की बिक्री को आसान बनाने की पॉलिसी प्लान कर रही है. इसमें विदेशी कंपनियों को भारत में तेल बेचने की छूट मिल सकती है. इस पॉलिसी को अगर केंद्रीय कैबिनेट का एप्रूवल मिल जाता है तो इससे विदेश की बड़ी तेल कंपनियां सऊदी अरैमको (Saudi Aramco), टोटल (total) और ट्रैफिगुरा (Trafigura) के साथ-साथ सुपरमार्केट चेन्स को भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने की छूट मिल जाएगी. यानि ग्राहक वीकेंड शॉपिंग में मॉल से पेट्रोल-डीजल भी खरीद सकेंगे.
ऑयल मिनीस्ट्री ने इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है. इससे तेल बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी होने की दो दशक पुरानी परंपरा टूटेगी. अब तक उन्हीं कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल बेचने की आजादी है जो तेल के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन के साथ उसकी रिफायनिंग और पाइपलाइन बिछाने में 2000 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी हैं या करने वाली हैं.
ऑयल मिनीस्ट्री ने राय मांगी
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक ऑयल मिनीस्ट्री ने इसके लिए फाइनेंस, कॉमर्स और लॉ मिनीस्ट्री से राय मांगी है. प्रस्ताव में तेल बेचने के लिए लाइसेंसिंग नीति में ढील देने की सिफारिश है. साथ ही ऑयल सेक्टर को बाहर की कंपनियों के लिए खोलने की बात कही गई है.
क्या है रोड़ा
ऑयल सेक्टर में कंपनियों की मौजूदगी कम होने का सबसे बड़ा कारण बड़े इन्वेस्टमेंट का नियम है. 2018-19 में पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की डिमांड क्रमश: 8%, 3% और 9% बढ़ी है.
कौन कंपनियां होंगी शामिल
मोदी सरकार ऑयल सेक्टर के लिए अगर नई पॉलिसी लाती है तो इससे सऊदी अरैमको (Saudi Aramco), टोटल (total) और ट्रैफिगुरा (Trafigura) को भारतीय तेल बाजार में उतरने का मौका मिलेगा. ये कंपनियां भारत में तेल बेचने की मंजूरी लेने के लिए ऑयल मिनीस्ट्री के टच में हैं.