$150 का क्रूड शॉक! 4-8 हफ्ते तक बंद हुआ हॉर्मुज तो कच्चे तेल में आएगी सुनामी, भारत पर मंडराया बड़ा संकट

Crude Oil Price: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल (mbpd) तेल का प्रवाह होता है. इस रुकावट के कारण इस क्षेत्र में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है, जिससे ग्लोबल कच्चे तेल का संतुलन बिगड़ गया है. 
$150 का क्रूड शॉक! 4-8 हफ्ते तक बंद हुआ हॉर्मुज तो कच्चे तेल में आएगी सुनामी, भारत पर मंडराया बड़ा संकट

(Image source- AI)

Crude Oil Price: ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर संकट के बादल गहराते जा रहे है. ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले 4 से 8 हफ्ते तक बंद रहा, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना 20 मिलियन बैरल तेल का प्रवाह

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (SoH) से दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्ग है, जहां से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल (mbpd) तेल का प्रवाह होता है. इस रुकावट के कारण इस क्षेत्र में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है, जिससे ग्लोबल कच्चे तेल का संतुलन बिगड़ गया है.

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बाजार ने शुरू में लगभग 2 हफ्तों की रुकावट का अनुमान लगाया था, लेकिन अब उम्मीदें एक लंबी अवधि तक रुकावट बने रहने की ओर बढ़ रही हैं. इसका लगातार बंद रहना, कच्चे तेल की कीमतों को 110-150 डॉलर प्रति बैरल की सीमा में पहुंचा सकता है.

एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा मार

न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, नुवामा की रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस रुकावट से एशियाई अर्थव्यवस्थाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है. चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को होने वाली लगभग 13 mbpd तेल की खेप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही गुजरती है.

भारत में गहरा सकता है LPG संकट

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की रुकावट से भारत को काफी ज्यादा जोखिम बना रहता है. हालांकि, कम समय के लिए कच्चे तेल की सप्लाई को तो किसी तरह संभाला जा सकता है, लेकिन LNG की कीमतें ज्यादा होने से इसका आयात कम हो सकता है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेट्रोलियम उत्पादों में से, अगर इस क्षेत्र में लंबे समय तक रुकावट बनी रहती है, तो LPG सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला उत्पाद हो सकता है.

क्या है समाधान?

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रणनीतिक तेल भंडार को जारी करने से शॉर्ट-टर्म राहत मिल सकती है, लेकिन इससे भविष्य में फिर से भंडार भरने की मांग भी पैदा हो सकती है. इसमें बताया गया है कि लगभग 300-400 मिलियन बैरल तेल जारी करने से निकट भविष्य में आपूर्ति का दबाव कम हो सकता है.

इसके साथ ही, पश्चिम एशिया से निर्यात पर लगी पाबंदियों के कारण लगभग 6-7 mbpd (मिलियन बैरल प्रति दिन) की कटौती करनी पड़ सकती है, जो मार्च महीने में 200 मिलियन बैरल से भी ज्यादा के बराबर है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल का बाजार तंग बना रहेगा.

जहां कुछ देश आपूर्ति में आने वाली अचानक की कमी से निपटने के लिए अपने रणनीतिक भंडारों पर निर्भर रह सकते हैं, वहीं सीमित भंडार वाले देशों को अपनी रिफाइनरियों का संचालन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

2 हफ्ते में शुरू हो सकता है कतर का LNG उत्पादन

रिपोर्ट में ग्लोबल गैस मार्केट पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर भी चर्चा की गई है. इसमें बताया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने के दो हफ्तों के भीतर कतर का LNG उत्पादन फिर से शुरू हो सकता है, क्योंकि वहां की उत्पादन सुविधाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

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