'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण का जिक्र, मुख्यमंत्री विष्णु देव ने इसे बताया राज्य का गर्व और सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण का जिक्र होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राज्य के लिए गर्व का पल बताया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की पहचान और लोगों का मनोबल दोनों मजबूत होते हैं.
'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण का जिक्र, मुख्यमंत्री विष्णु देव ने इसे बताया राज्य का गर्व और सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया. इस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण पल बताया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को मजबूत करता है, बल्कि प्रदेश के लोगों के मनोबल को भी नई ऊंचाई मुहैया करता है.

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में बहुत से लोगों के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी को सुना. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है. इसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है.

काले हिरण संरक्षण को मिली पहचान

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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से बात करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं. इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है.

वह बोले कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर बात होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है. इससे यह साफ होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है. साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है.

बांस और महिलाओं की कमाई में बदलाव

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की कैटेगरी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की कमाई में सकारात्मक बदलाव आया है. इसके साथ ही पीएम की तरफ से पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा.

सामूहिकता और सामाजिक जुड़ाव की मिसाल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं.

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

Conclusion

कुल मिलाकर, मन की बात में छत्तीसगढ़ का जिक्र होना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि राज्य के लिए एक बड़ी पहचान है. इससे यह साफ होता है कि यहां के प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जा रहे हैं और आगे भी इससे लोगों को बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती रहेगी.

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